CJP Protest: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह कदम उठाया है। डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने शुक्रवार को कहा कि सोनम वांगचुक ने लिखित आश्वासन के साथ छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की है कि उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। छात्र नेता सरकार के साथ बैठक के बाद ही विरोध प्रदर्शन की आगे की रणनीति तय करेंगे।
सरकार से मिला लिखित में आश्वासन
सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि गुरुवार आधी रात को हमें सरकार से लिखित में आश्वासन मिला कि वे हमारी मांगें मान रहे हैं, जिसमें विरोध प्रदर्शन करने वाले चात्रों के खिलाफ कोई एफआईआर न करना, नीट पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वाले बच्चे के परिजनों को मुआवजा देना और संसद में एजुकेशन एग्जाम और रिफॉर्म्स पर चर्चा करना शामिल है। आगे डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि सरकार की तरफ से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार को सरकार की तरफ से यहां आए थे। उससे पहले, 16 सांसद यहां आए और विपक्ष के 65 सांसदों ने लिखित आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होगी। सरकार और विपक्ष ने तय किया है कि एजुकेशन रिफॉर्म्स पर चर्चा इसी मानसून सत्र में होगी। यह हमारे लिए यह सबसे महत्वपूर्ण आंदोलन रहा है क्योंकि सत्ता और विपक्ष ने निर्णय लिया है कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस पर चर्चा मानसून सत्र में होगी।
CJP Protest: आंदोलन ने पूरे देश को जगाया
आंग्मो ने कहा ने कहा कि हमारे आंदोलन ने पूरे देश को जगा दिया है। नीट पेपर लीक एक लक्षण था लेकिन असली वजहें सिस्टम में मौजूद हैं। हमें उम्मीद है कि यह सरकार के लिए एक चेतावनी भरी सीख होगा। यह एक सफल आंदोलन रहा है और इसीलिए सोनम वांगचुक ने अपना उपवास खत्म कर दिया। शनिवार से वह सेमी-सॉलिड डाइट लेना शुरू करेंगे। गौरतलब है कि गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में गुरुवार देर रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन कर दिया।








