Kids Screen Time: आजकल के बच्चों की सबसे बड़ी लत बन गया है मोबाइल। सुबह उठते ही फोन, खाना खाते समय फोन, रोने पर फोन। धीरे-धीरे यह आदत इतनी पक्की हो जाती है कि बिना स्क्रीन के बच्चा एक मिनट भी नहीं रह पाता। कई बार माएं थककर फोन दे भी देती हैं, वरना बच्चा जिद और गुस्सा करने लगता है।लेकिन एकदम से मोबाइल छीन लेने से बच्चा और ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाएगा। स्क्रीन टाइम कम करना है तो इसे धीरे-धीरे और प्यार से करना होगा।
बच्चों का स्क्रीन टाइम ऐसे कम करें
1. एकदम बंद न करें, धीरे-धीरे घटाएं
अगर बच्चा रोज 4 घंटे फोन देखता है तो आज से ही 0 मत कीजिए। हर हफ्ते 15-20 मिनट कम करते जाएं। अचानक रोकने से जिद बढ़ती है, धीरे-धीरे करने से बच्चा नई रूटीन में एडजस्ट कर लेता है।
2. खाने की टेबल पर फोन बैन करें
“खाना खा लो, तभी कार्टून चलाऊंगी” वाली आदत सबसे खतरनाक है। कोशिश करें कि पूरा परिवार एक साथ बैठे और खाने के समय टीवी-मोबाइल सब बंद रहे। बातें करें, साथ हंसें। 1 हफ्ते में ही फर्क दिखेगा।

3. स्क्रीन की जगह दूसरा ऑप्शन दें
बच्चे बोरियत में फोन मांगते हैं। इसलिए उनके पास कलर बुक, लेगो, पजल, कहानी की किताबें, ड्रॉइंग या बाहर खेलने का प्लान रखें। जब हाथ और दिमाग किसी काम में बिजी होंगे तो फोन अपने आप छूट जाएगा।
4. खुद बनिए रोल मॉडल
बच्चे वही कॉपी करते हैं, जो घर में देखते हैं। अगर मम्मी-पापा खुद 24 घंटे फोन में लगे रहेंगे, तो बच्चा कैसे मानेगा? घर में रोज 1 घंटा “नो-स्क्रीन टाइम” फिक्स कर लें। उस समय सब फोन दूर रखें और साथ समय बिताएं।
5. फोन सिर्फ जरूरत पर ही दें
बहुत छोटी उम्र में बच्चों को अपना फोन देना ठीक नहीं। अगर देना भी पड़े तो सिर्फ पढ़ाई या जरूरी काम के लिए दें। वरना रील्स और गेम्स में उनका कीमती समय बर्बाद होगा।
आखिरी बात: स्क्रीन की आदत एक दिन में नहीं बनी, तो जाएगी भी एक दिन में नहीं। गुस्सा करने की बजाय प्लान के साथ चलें। कम स्क्रीन = बेहतर नींद, बेहतर पढ़ाई और कम गुस्सा-जिद वाला बच्चा।
आप कौन सा तरीका सबसे पहले ट्राई करेंगे?
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