UP News: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विधानसभा में लगातार हंगामे को लेकर आरोप लगाए हैं कि समाजवादी पार्टी सदन चलने नहीं देना चाहती है। उन्होंने सदन में मुख्यमंत्री की तस्वीर दिखाने जाने की भी कड़ी आलोचना की। राजभर ने सपाइयों ने सदन की गरिमा से ऊपर उठकर काम किया और यही सपा का पुराना कल्चर है।
विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या की
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या की। सदन चर्चा के लिए बना है और आप (विपक्ष) चर्चा से भाग रहे हो। आपके नेता कहते हैं कि सदन नहीं चलना है, तो आप लोग सदन नहीं चलने दोगे। अखिलेश कहते हैं कि तुम लोग (सपा विधायक गंगा में डूब मरो, तो जाके डूब मरोगे। मुझे आश्चर्य लगा कि सदन में मुख्यमंत्री की फोटो के साथ उस पर ‘चोर’ लिखा गया। फोटो में उंगली से मुख्यमंत्री की तरफ इशारा करके ‘चोर-चोर’ कहा गया। इसे स्पीकर ने भी सदन की गरिमा के विरुद्ध बताया। सदन की एक गरिमा होती है, उससे ऊपर उठकर सपाइयों ने काम किया। यह सपा का पुराना कल्चर है। राजभर ने याद दिलाया कि यही सदन है, जब समाजवादी पार्टी के लोगों ने बसपा के लोगों को बुरी तरह मारा था।
UP News: आज लात खाने वाले और लात मारने वाले एकजुट
विधायकों को सड़क पर दौड़ाते हुए ले गए थे। आज लात खाने वाले और लात मारने वाले दोनों एकजुट हैं। सदन में ये हमेशा उत्तेजित बात करते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बिल्कुल सदन चलने नहीं देना चाहती है, क्योंकि सदन चलेगा तो सरकार अपनी उपलब्धि गिनाएगी और प्रदेश की जनता को बताएगी। ओमप्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। अब उनका पीडीए खत्म हो गया है। जब से हमने पीडीए का उनका फुल फॉर्म बताना शुरू किया है (‘पीट दे देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’), तब से वो रोज-रोज परिभाषा बदल रहे हैं। ये इस बात का प्रमाण है कि वह अपने एक मुद्दे पर टिके नहीं हैं। रोज-रोज इनका एक मुद्दा आता है।” मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी और घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों के संवाद कार्यक्रम पर कहा कि निश्चित है कि एक अच्छी पहल सरकार की है कि आजादी के बाद से बहुत-सी जातियां हैं, जो घुमंतू-विमुक्त जातियां हैं, जिनको अंग्रेजों ने क्रिमिनल कास्ट कहा था।
व्यवस्था को सरकार ने बदला
ऐसे लोगों के साथ बात करके उनको विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास जो मुख्यमंत्री कर रहे हैं, ये सराहनीय कदम है। राजभर ने मदरसा वेतन विधेयक वापस लेने पर कहा, “निश्चित है कि उनके (सपा) जमाने में जो चीजें थीं और अनर्गल लोगों को पोस्टिंग करके बिना वजह पैसे दिए जाते थे, तो उस व्यवस्था को सरकार ने बदल दिया है। नई व्यवस्था सरकार ला रही है। राजभर ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन जी संवाद’ कार्यक्रम पर कहा, “मोहन भागवत के वक्तव्य राष्ट्रहित, देशवासियों, युवाओं और किसानों के हित में होते हैं। उनका राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना लोगों के मन में जागृत करने का काम होता है। वो जो भी बोलते हैं और जो भी बात कहते हैं, उनकी बात में दम होता है।” वहीं, मंत्री राजभर ने संभल हिंसा को लेकर पेश की गई रिपोर्ट पर कहा कि जब सपा की सरकार थी, तो 1000 दंगे हुए थे। सपा सरकार थी, दंगे कौन कराता है? दंगे में एक भी नेता मारा नहीं जाता है। जब सरकार का कल्चर ये रहा है, तो सपा सरकार में रहने वाले लोग वही लोग नजर आते हैं। अगर सपा नेता दोबारा भी जांच कराएंगे तो निश्चित रूप से दोषी पाए जाएंगे।
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