Gwalior Cyber Fraud: ग्वालियर में क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर हुई 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान शाजापुर के बीजेपी से जुड़े जिला पंचायत सदस्य और सेवानिवृत्त फौजी जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम का एक हिस्सा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचा था।
218 दिन में 21 करोड़ से अधिक की ठगी
मामला ग्वालियर निवासी 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 में एक महिला के संपर्क में आने के बाद उन्होंने क्रिप्टो निवेश के नाम पर 218 दिनों के दौरान अलग-अलग बैंक खातों में 21 करोड़ से अधिक की राशि जमा कर दी। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया तो उनसे और पैसे मांगे गए, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
Gwalior Cyber Fraud: जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
साइबर पुलिस की जांच में पता चला कि पीड़ित द्वारा भेजी गई राशि में से 50 लाख रुपये सीधे जगदीश कुमार मालवीय के खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद यह रकम कई अन्य खातों में भेज दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित ने 76 बैंक खातों में 106 ट्रांजेक्शन किए थे।
20 हजार खातों तक पहुंचा पैसा
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम करीब 15 लेयर के जरिए 20 हजार से अधिक बैंक खातों में पहुंचाई गई। इनमें लगभग 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई। जांच के दौरान मालवीय के खाते में भी ढाई लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं।
Gwalior Cyber Fraud: कर्नाटक और तमिलनाडु तक जांच
राज्य साइबर पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर जांच टीमों को कर्नाटक और तमिलनाडु भेजा गया है। पुलिस म्यूल अकाउंट्स, बैंकिंग चैन और अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
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