Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेनजी’ यानी नई युवा पीढ़ी को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने भागवत के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं की भावनाओं और सोच को समझने की जरूरत पर जोर दिया है। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा और आरएसएस युवा वर्ग के असंतोष को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा ने भागवत के बयान को बताया युवाओं के लिए मार्गदर्शक
मुंबई के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मोहन भागवत के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनके वक्तव्य पर टिप्पणी करना भी उनके लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भागवत ने जिस तरह नई युवा पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने की कोशिश की है, उसे गंभीरता से समझने की जरूरत है। संजय उपाध्याय के मुताबिक आज का युवा देशभक्त है और देश के हित में सोचता है। हालांकि उसकी बात रखने का तरीका पिछली पीढ़ियों से अलग हो सकता है, लेकिन उसकी भावनाओं को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भागवत ने इसी आवश्यकता को रेखांकित किया है।
Mohan Bhagwat: भाजपा युवा मोर्चा ने भी किया समर्थन
लखनऊ में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने भी भागवत के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा हमेशा ईमानदार रहा है और युवाओं को लेकर भागवत ने जो विचार रखे हैं, वे स्वाभाविक हैं। रोहित मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वह मोहन भागवत के विचारों के साथ हैं और उनका पूरा समर्थन करते हैं। भाजपा नेताओं के इन बयानों से साफ है कि पार्टी युवा पीढ़ी से जुड़े मुद्दों को लेकर भागवत के संदेश को सकारात्मक तरीके से सामने रख रही है।
कांग्रेस का आरोप- चुनाव से पहले युवाओं को साधने की कोशिश
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भागवत के बयान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘जेनजी’ के असंतोष को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है। चौधरी ने कहा कि जिन युवाओं ने आंदोलन किया, उनके खिलाफ बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती और कार्रवाई देखने को मिली थी। अब युवाओं के बीच भरोसा दोबारा कायम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरएसएस वास्तव में युवाओं के साथ खड़ा है तो केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से इस मामले पर सार्वजनिक बयान देने, कथित कार्रवाई के लिए माफी मांगने और निष्पक्ष जांच की मांग क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की भी जांच की मांग उठाई।
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