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E20 पेट्रोल वाहनों के लिए सुरक्षित, व्यापक परीक्षणों के बाद सरकार ने संसद में दी जानकारी

E20:

E20: E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में इसकी सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की। भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया कि सरकारी एजेंसियों, वाहन निर्माताओं और उद्योग संगठनों की ओर से किए गए व्यापक प्रयोगशाला और वास्तविक परिस्थितियों के परीक्षणों के बाद यह पुष्टि हुई है कि निर्धारित मानकों के तहत E20 पेट्रोल वाहनों के लिए सुरक्षित है। परीक्षणों में पुराने वाहनों को भी शामिल किया गया और उनके प्रदर्शन पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया।

कई संस्थाओं ने मिलकर किए व्यापक परीक्षण

भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) और विभिन्न वाहन निर्माताओं ने E20 ईंधन पर विस्तृत परीक्षण किए। इन परीक्षणों का उद्देश्य वाहनों के इंजन और ईंधन प्रणाली पर इसके प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना था।

E20: इंजन से लेकर उत्सर्जन तक हुई जांच

परीक्षणों के दौरान इंजन की मजबूती, वाहन संचालन, ठंडे मौसम में इंजन स्टार्ट होने की क्षमता, जंग प्रतिरोध और ईंधन के साथ विभिन्न पुर्जों की अनुकूलता की जांच की गई। इसके अलावा ईंधन प्रणाली की विश्वसनीयता, उत्सर्जन स्तर और ईंधन दक्षता का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन हुआ। सरकार के मुताबिक, इन सभी परीक्षणों में E20 पेट्रोल को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित पाया गया।

2020 में बनी थी अंतर-मंत्रालयी समिति

मंत्रालय ने बताया कि 26 दिसंबर 2020 को नीति आयोग के तहत एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया गया था। समिति ने E20 ईंधन के साथ वाहनों की अनुकूलता, माइलेज और ईंधन दक्षता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। इस मूल्यांकन को IOCL, ARAI और SIAM द्वारा किए गए शोध का भी समर्थन मिला।

E20: पुराने वाहनों पर भी नहीं दिखा बड़ा प्रतिकूल असर

सरकार ने संसद को बताया कि E20 लागू करने से पहले इंजन, ईंधन प्रणाली, वाहन संचालन, पुर्जों की अनुकूलता और उत्सर्जन प्रदर्शन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। निर्धारित परिस्थितियों में पुराने वाहनों पर भी E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से प्रदर्शन, इंजन की टिकाऊ क्षमता या पुर्जों की अनुकूलता पर कोई महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव सामने नहीं आया।

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