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लखनऊ हत्याकांड: मानस तक कैसे पहुंचा हथियार? 3 असलहों की गुत्थी में उलझी पुलिस, कॉल डिटेल से खुलेगा राज?

Lucknow Divya Murder Case: लखनऊ के गोमतीनगर में दिव्या मिश्रा हत्याकांड की जांच अब सिर्फ हत्या की वजह और पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि मानस बाजपेयी के पास तीन हथियार कहां से आए और उसने इन्हें कब और किससे हासिल किया? पुलिस अब हथियारों के साथ उसके मोबाइल, कॉल डिटेल, मैसेज और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

तीन हथियारों ने बढ़ाई पुलिस की उलझन

पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से तीन हथियार बरामद किए गए। इनमें दो 9 एमएम पिस्टल और एक तमंचा शामिल बताए गए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनमें से हथियार लाइसेंसी थे या अवैध तरीके से हासिल किए गए। सबसे अहम सवाल यही है कि अगर हथियार अवैध थे तो मानस तक उनकी सप्लाई किसने की? क्या उसने खुद किसी व्यक्ति से संपर्क किया था या किसी पुराने संपर्क के जरिए हथियार हासिल किए गए? अभी तक पुलिस को हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है।

कोर्ट की सुनवाई के बाद किससे मिला था मानस?

मानस और दिव्या के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों अलग रह रहे थे और मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच चुका था। 18 अगस्त को मामले की सुनवाई हुई थी और इसके दो दिन बाद 20 अगस्त को दिव्या की हत्या कर दी गई। जांच अधिकारी अब इस बीच के समय को भी जोड़कर देख रहे हैं। कोर्ट में सुनवाई के बाद मानस किन लोगों के संपर्क में था, उसने किससे बातचीत की और उसकी लोकेशन कहां-कहां रही, इन सबकी जानकारी जुटाई जा रही है। खास तौर पर पुलिस यह पता करना चाहती है कि क्या इसी दौरान हथियारों की व्यवस्था की गई थी।

कॉल डिटेल से तलाशे जा रहे हथियारों के तार

मानस के साथ दिव्या मिश्रा, प्रज्ञा मिश्रा और भरत यादव से जुड़े मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल के अलावा मैसेज, सोशल मीडिया और मोबाइल लोकेशन से भी घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश है। पुलिस यह देख रही है कि वारदात से पहले मानस की किन लोगों से लगातार बातचीत हुई थी। किसी ऐसे नंबर या व्यक्ति की पहचान होती है, जिसका संपर्क हथियारों से जुड़ता है, तो जांच को अहम सुराग मिल सकता है। हालांकि अभी तक हथियारों के कथित सप्लायर तक पहुंचने वाली कोई पुख्ता कड़ी सामने नहीं आई है।

WhatsApp स्टेटस से भी जुड़े सवाल

हत्या के बाद मानस की ओर से लगाए गए WhatsApp स्टेटस ने भी पुलिस की जांच को एक अलग दिशा दी। स्टेटस में उसने पत्नी दिव्या पर धोखे का आरोप लगाया था और प्रज्ञा मिश्रा तथा भरत यादव का भी जिक्र किया था। अब पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि मानस ने इन लोगों के नाम क्यों लिए। क्या उसके पास कोई जानकारी थी या वह किसी व्यक्तिगत शक के आधार पर ऐसा कर रहा था। इस पहलू की भी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बैंक के बाहर हुआ था विवाद

20 अगस्त को गोमतीनगर के विवेकखंड में ICICI बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिव्या बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करती थीं।पुलिस के मुताबिक, मानस बैंक के बाहर पहुंचा था। दोनों के बीच बातचीत के बाद विवाद हुआ और फिर गोली चलने की घटना सामने आई। घटना से पहले दोनों के बीच विवाद और हाथापाई होने की बात भी सामने आई है। इसके बाद मानस अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तूलिका उर्फ शीबा को गोली मार दी और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली।

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तलाक का विवाद भी जांच के केंद्र में

दिव्या और मानस के बीच वैवाहिक विवाद लंबे समय से चल रहा था। दोनों करीब एक साल से अलग रह रहे थे और मामला फैमिली कोर्ट में चल रहा था। 18 अगस्त की सुनवाई के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। पुलिस फिलहाल पारिवारिक विवाद को हत्या की वजह से जोड़कर देख रही है, लेकिन हथियारों की उपलब्धता ने जांच में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। अगर यह पता चल जाता है कि तीनों हथियार मानस तक किस रास्ते से पहुंचे, तो वारदात से पहले की उसकी गतिविधियों और संपर्कों को समझने में पुलिस को मदद मिल सकती है।

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल

जांच का केंद्र अब सिर्फ यह नहीं है कि दिव्या की हत्या क्यों हुई, बल्कि यह भी है कि मानस ने वारदात के लिए हथियारों का इंतजाम कैसे किया। पुलिस के सामने फिलहाल यही सवाल हैं- मानस के पास तीन हथियार कब आए? उसने इन्हें कहां से हासिल किया? इसके लिए किससे संपर्क किया? 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई के बाद उसकी गतिविधियां क्या थीं और क्या मोबाइल की कॉल डिटेल हथियारों के स्रोत तक पहुंचा सकती है? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही हत्याकांड की पूरी कड़ी और साफ हो सकेगी।

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