रात में अचानक हिरासत में लेने का दावा
अधिवक्ता उमेश शर्मा ने बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी अचानक हुई। पुलिस उन्हें रात में अपने साथ ले गई, जिसके बाद बचाव पक्ष को घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाने में कठिनाई हो रही है। शर्मा के मुताबिक, वकालतनामा पर हस्ताक्षर समेत कई कानूनी औपचारिकताएं अभी पूरी की जानी हैं। परिवार और पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के दौरान साथ रहे टीम के सदस्य वकीलों के संपर्क में हैं।
Delhi News: एक दिन की पुलिस कस्टडी, कल फिर पेशी
वकील उमेश शर्मा ने कहा कि उन्हें अभी तक स्वतंत्र भारद्वाज से बात करने का मौका नहीं मिला है। अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड दी है और रविवार को फिर पेश किया जाएगा। अगली पेशी उसी स्थान पर होगी या किसी अन्य जगह, इसका फैसला जांच अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के अनुसार होगा।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज के एक वायरल वीडियो के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नाबालिग प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि राजनीतिक संबंधों के चलते दिल्ली पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में एफआईआर और तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शन किया था।
Delhi News: चिराग पासवान ने भी दर्ज कराई शिकायत
शुक्रवार को नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर हुए प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और हत्या की कोशिश जैसी धाराओं में 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था। इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वायरल वीडियो में आरोपी ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि वह नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।
ये भी पढ़ें…श्रीलंका के बाद मानव सुथार का इंग्लैंड में धमाल, 7 विकेट लेकर टीम को दिलाई बड़ी जीत








