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भारत के लिए क्यों खास है BRICS शिखर सम्मेलन, क्या हासिल कर सकेगा भारत?

New Delhi: भारत के लिए क्यों खास है BRICS शिखर सम्मेलन, क्या हासिल कर सकेगा भारत?

New Delhi: भारत में 12-13 सितंबर को होने जा रहे ‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन’ (BRICS Summit) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।  दुनिया के दिग्गज नेता सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचने लगे हैं।भारत के लिए यह सम्मेलन कई मायनों में खास है।भारत इस सम्मेलन की चौथी बार अध्यक्षता करने जा रहा है।जानकारों के मुताबिक अध्यक्षता के माध्यम भारत को वैश्विक कूटनीति, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक हितों को साधने की दिशा में कई महत्वपूर्ण अवसर हासिल होंगे। 

संबंधों में मजबूती

BRICS शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दृष्टि से अहम है।मसलन कि सम्मेलन की बैठकें भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करेंगी।शिखर सम्मेलन में कई अहम बैठकें होंगी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी ज‍िनप‍िंंग सहित देशों के प्रमुख इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।जाहिर है कि भारत को दुनिया के इन प्रमुख नेताओं के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं अवसर मिलेगा और संबंध मजबूत बनेंगे।
New Delhi: व्यापार में लाभ
BRICS सम्मेलन के दौरान भारत सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं (लोकल करेंसी) में आपसी व्यापार पर सहमति बना सकता है। इससे  जहां अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम होगी, वहीं विनिमय लागत भी घटेगी।जानकारों के अनुसार भुगतान प्रणालियों के व्यवहारकुशलता के कारण सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) लेन-देन का खर्च कम होता है। इससे भारतीय कारोबारियों खासकर मैस्मे (MSME) को फायदा होता है।

New Delhi: निर्यात के नए रास्ते

सम्मेलन के जरिये भारत को अपने उत्पादों के निर्यात के लिए नए रास्ते बनाने में मदद मिलेगी। इसके बाद भारत की स्वाभाविक रूप से पश्चिमी बाजारों पर निर्भरता कम हो जाएगी।  

New Delhi: तकनीकी सहयोग

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI गवर्नेंस), डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग की मजबूती का अवसर इस सम्मेलन में भारत को मिलेगा।

New Delhi: आर्थिक अपराधों पर अंकुश

देश में आर्थिक अपराध कर विदेशों में भाग चुके लोगों पर शिकंजा कसने की बात भारत सरकार करती रही है।ऐसे में भारत की ओर से ब्रिक्स देशों के बीच वित्तीय और जांच संबंधी जानकारियों के आदान-प्रदान में तेजी लाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इससे जहां आर्थिक अपराधियों को खोज निकाला जाएगा, वहीं अवैध संपत्तियां देश में वापस लाई जा सकेंगी।

New Delhi: शक्ति का अहसास 

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी शक्ति का अहसास कराने का बेहतर अवसर है। यह सम्मेलन भारत को अलग-अलग क्षेत्रीय गुटों के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी कूटनीति को प्रदर्शित करने का अवसर देगा। सम्मेलन में भारत विस्तारित ब्रिक्स समूह (11 पूर्ण सदस्य और 10 पार्टनर देशों) के माध्यम से विकासशील देशों और ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों व प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से रख पाएगा।

New Delhi: कूटनीतिक ताकत

स्वीडन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी एंड डेवलपमेंट पॉलिसी (आईएसडीपी) की एक रिपोर्ट के अनुसार  ब्रिक्स के विस्तारित स्वरूप से भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, संप्रभु समानता, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों के बेहतर प्रतिनिधित्व जैसे सिद्धांतों को आगे बढ़ाने में अधिक कूटनीतिक ताकत मिल सकती है। हालांकि, भारत का उद्देश्य ब्रिक्स के जरिए मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को बदलना नहीं, बल्कि उसके भीतर अपनी सौदेबाजी की क्षमता मजबूत करना है।