Punjab: पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने नशे के मुद्दे को लेकर बड़ा राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। पार्टी की ओर से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जा रही हैं। ये यात्राएं पंजाब के चार हिस्सों—पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो—से शुरू होकर राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से गुजरेंगी। चारों यात्राएं मिलकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
13 दिन में 117 सीटों तक पहुंचने का प्लान
यह अभियान 18 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पठानकोट के माधोपुर से पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई। पार्टी का कहना है कि इसका मकसद नशे के खिलाफ जागरूकता को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है। यात्रा के दौरान रथों के जरिए जागरूकता अभियान चलाने, ऑडियो-वीडियो सामग्री के इस्तेमाल और लोगों से नशे के खिलाफ शपथ लेने जैसी गतिविधियों की योजना है।
Punjab: BJP के एजेंडे में सिर्फ नशा नहीं
बीजेपी ने इस अभियान को केवल नशा विरोधी मुहिम तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी नेतृत्व ने नशे, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को पंजाब की प्रमुख चुनौतियों के रूप में सामने रखा है। बीजेपी नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और AAP की ओर से इन पर अलग-अलग जवाब दिए गए हैं।
30 सितंबर को जालंधर में बड़ा समापन
चारों यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा। यहां बड़ी जनसभा प्रस्तावित है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे। इस तरह अभियान की शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में और समापन अमित शाह की मौजूदगी में होगा। जालंधर को समापन स्थल बनाने को लेकर राजनीतिक विश्लेषणों में इसे राज्य के चुनावी और सामाजिक मुद्दों को व्यापक रूप से सामने रखने की रणनीति से भी जोड़ा गया है।
Punjab: 2027 चुनाव से पहले BJP की बड़ी राजनीतिक कवायद?
बीजेपी आधिकारिक तौर पर इस अभियान को नशे के खिलाफ जनजागरूकता और जनभागीदारी की मुहिम बता रही है। वहीं, इसकी टाइमिंग और 117 सीटों को कवर करने का पैमाना इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में भी रखता है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नशा, कानून-व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच बहस का हिस्सा बन रहे हैं।
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