UP Weather: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव की तैयारी मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है।
32 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
लगातार बारिश के बीच प्रदेश के 32 जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। इनमें लखनऊ, रायबरेली, अमेठी और श्रावस्ती समेत कई जिले शामिल हैं। नदियों और नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के साथ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
UP Weather: योगी ने अधिकारियों को किया अलर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है। राहत और बचाव से जुड़े विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन से स्थानीय स्तर पर हालात की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
लखनऊ समेत कई जिलों में स्कूल बंद
लगातार बारिश का असर स्कूलों पर भी पड़ा है। लखनऊ और कुछ अन्य जिलों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे के फैसले लिए जा रहे हैं। अभिभावकों से भी जरूरी सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
UP Weather: श्रावस्ती में बढ़ा नदी का जलस्तर
श्रावस्ती में लगातार बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। वहीं अमेठी और रायबरेली सहित कई इलाकों में भी लगातार बारिश से जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की खबर है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है।
27 सितंबर तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 27 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे से निपटने की चुनौती बनी हुई है। लोगों को खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
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