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देवरिया RSS कार्यकर्ता हत्याकांड: कौन थे रामेश्वर तिवारी? किससे हुआ विवाद, किस पर FIR, SHO समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Deoria

Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि पड़ोसियों ने RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामेश्वर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

कौन थे रामेश्वर तिवारी?

रामेश्वर तिवारी भीखम छपरा गांव के रहने वाले थे और RSS से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह करीब 10 वर्षों से संघ से जुड़े थे और नियमित रूप से शाखा में शामिल होते थे। वह लार खंड के रक्शा मंडल के प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे और वर्तमान में सामाजिक समरसता से जुड़े दायित्व पर थे। क्षेत्र में उनकी पहचान संघ कार्यकर्ता और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति के तौर पर बताई गई है।

Deoria: सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

घटना की शुरुआत गांव में बन रही पक्की सड़क को लेकर हुई। यह सड़क रामेश्वर तिवारी के घर के सामने से गुजर रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, रामेश्वर अपने घर के सामने सड़क पर ब्रेकर बनवाना चाहते थे, जिसका पड़ोसियों ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया।

अस्पताल पहुंचने के बाद हुई मौत

हमले में रामेश्वर तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर किया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया।

Deoria: किस पर FIR दर्ज हुई?

रामेश्वर तिवारी की पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संजय तिवारी, दीपक तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, FIR में छह नामजद और 10 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

SHO समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। मामले की जांच के बाद प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर लार थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राम मूरत और दो बीट कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा DIG गोरखपुर जोन एस. चन्नप्पा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से मुलाकात की। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई हैं और अधिकारियों ने मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

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