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2017 से पहले दंगे-माफिया का दबदबा? योगी के बयान ने खींचा ध्यान

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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। लोक भवन में आयोजित पुलिस कार्यक्रम में उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति और मौजूदा व्यवस्था की तुलना की। सीएम योगी ने दावा किया कि उस समय माफियाओं का प्रभाव था और पुलिस उनके सामने मजबूर नजर आती थी।
2017 से पहले दंगे और लंबे कर्फ्यू का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर दंगे लंबे समय तक चलते थे। उनके मुताबिक, कई इलाकों में लंबे समय तक कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रहती थी। उन्होंने कोसीकलां से मेरठ तक दंगों और कर्फ्यू का जिक्र किया। यानी, सीएम योगी ने अपने बयान में कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार से पहले का बड़ा मुद्दा बताया।
UP News :माफियाओं के दबदबे का लगाया आरोप
सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में प्रदेश के कई जिलों में माफियाओं का प्रभाव था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस उनके सामने मजबूर रहती थी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि माफियाओं के सामने सरकारी तंत्र भी कमजोर दिखाई देता था। उन्होंने पुलिसकर्मियों की पुरानी स्थिति का उदाहरण देते हुए उनके रहने की परेशानियों का भी जिक्र किया।
योगी बोले- व्यवस्था में आया बदलाव
वहीं, मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों को इस स्थिति से बदलाव के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ से बाहर निकालने का काम किया गया है। उनके मुताबिक, अब अपराध नियंत्रण में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इस बयान के जरिए सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था और पुलिस सुधार को एक साथ जोड़कर देखा गया।
UP News :पुलिसिंग में तकनीक पर भी जोर
इसके साथ ही सीएम योगी ने प्रदेश की सेफ सिटी परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 14 लाख से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, इन कैमरों से अपराध पर नजर रखने के साथ ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में भी मदद मिल रही है। यानी, सरकार कानून-व्यवस्था में सिर्फ पुलिस बल ही नहीं बल्कि तकनीक की भूमिका पर भी जोर दे रही है।
 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर भी अहम कदम सामने आया। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। इनका इस्तेमाल ट्रैफिक नियमों की निगरानी और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया जाना है।
UP News :पुलिसकर्मियों का सम्मान भी हुआ
वहीं, कार्यक्रम का एक हिस्सा पुलिसकर्मियों के सम्मान से भी जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, कार्यक्रम में पुलिस सुधारों पर आधारित किताब ‘संघर्ष’ का विमोचन भी हुआ। इसके अलावा, कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
 सड़क हादसों को लेकर भी चिंता
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर साल करीब 23 हजार लोगों की सड़क हादसों में मौत होती है। उनके मुताबिक, तकनीक और लोगों में जागरूकता बढ़ाकर दुर्घटनाओं को कम करने की जरूरत है। ऐसे में 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को सड़क सुरक्षा की इसी कोशिश से जोड़कर देखा जा सकता है।
UP News :बयान का बड़ा संदेश क्या है?
कुल मिलाकर, सीएम योगी का पूरा बयान 2017 से पहले और उसके बाद की कानून-व्यवस्था में अंतर बताने पर केंद्रित रहा। एक तरफ उन्होंने पुराने दौर में दंगे, कर्फ्यू और माफिया के प्रभाव का दावा किया। दूसरी ओर, उन्होंने मौजूदा व्यवस्था में तकनीक, पुलिस सुधार और सड़क सुरक्षा पर जोर दिया।

 

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