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दिल्ली से भोपाल का सफर होगा और तेज, 16 हजार करोड़ का नया एक्सप्रेसवे जुड़ेगा दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से

 Delhi Bhopal Expressway:

 Delhi Bhopal Expressway: देश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार विस्तार ले रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच प्रस्तावित कोटा-विदिशा-सागर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और भोपाल-कानपुर जैसे बड़े कॉरिडोर से जुड़ने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जनवरी 2026 में इस परियोजना को करीब 16,000 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दिए जाने की घोषणा की थी। सरकार के मुताबिक इससे कोटा और सागर के बीच की दूरी करीब 75 किलोमीटर तक कम हो सकती है।

दिल्ली से भोपाल तक बनेगा तेज सड़क नेटवर्क

प्रस्तावित नेटवर्क में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अहम कड़ी होगा। दिल्ली से आने वाले वाहन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए राजस्थान के कोटा क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। इसके बाद कोटा-विदिशा-सागर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जरिए मध्य प्रदेश में प्रवेश किया जा सकेगा। इस नए कॉरिडोर से कोटा से भोपाल की यात्रा करीब 4 से 5 घंटे में पूरी होने का अनुमान है। फिलहाल सड़क मार्ग से यह सफर करीब 8 से 9 घंटे तक ले सकता है।

 Delhi Bhopal Expressway: 300 किलोमीटर का नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

कोटा-विदिशा-सागर एक्सप्रेसवे करीब 300 किलोमीटर लंबा और चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य मौजूदा मार्गों के मुकाबले अधिक सीधा और तेज संपर्क उपलब्ध कराना है। कॉरिडोर कोटा से विदिशा और सागर की ओर जाएगा और भोपाल क्षेत्र से भी जोड़ा जाएगा। अंतिम अलाइनमेंट और परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी DPR और सर्वे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

 Delhi Bhopal Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होगा कनेक्शन

इस परियोजना की बड़ी खासियत इसका दूसरे बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ना है। कोटा क्षेत्र में यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इससे विदिशा और सागर जैसे शहरों को दिल्ली-मुंबई हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी। इसके अलावा यह नेटवर्क भोपाल-कानपुर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। आगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के जरिए उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों तक सड़क संपर्क का विस्तार होगा।

चार राज्यों के बीच कनेक्टिविटी

पूरे नेटवर्क का असर सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली-मुंबई और दूसरे एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच हाई-स्पीड सड़क संपर्क मजबूत होगा। वहीं भोपाल-कानपुर और लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश की ओर कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। कोटा से आगे जयपुर और उदयपुर जैसे राजस्थान के प्रमुख शहरों तक पहुंच के लिए भी यह नेटवर्क उपयोगी हो सकता है।

सागर और विदिशा को भी मिलेगा फायदा

कोटा-विदिशा-सागर एक्सप्रेसवे का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। विदिशा और सागर जैसे शहरों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने का रास्ता मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

एक नजर में समझिए पूरा नेटवर्क

🚗 दिल्ली से भोपाल तक एक्सप्रेसवे नेटवर्क
कई एक्सप्रेसवे जुड़कर बनाएंगे तेज सड़क संपर्क का बड़ा नेटवर्क

📍 दिल्ली
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🛣️ दिल्ली-मुंबई
एक्सप्रेसवे
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📍 कोटा
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🌿 कोटा-विदिशा-सागर
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
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📍 विदिशा
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📍 सागर
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📍 भोपाल

🔗 आगे इन एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
🛣️ भोपाल-कानपुर एक्सप्रेसवे
🛣️ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
🛣️ चंबल एक्सप्रेसवे

🚘 दिल्ली → भोपाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कोटा-विदिशा-सागर
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के इंटरकनेक्शन से
एक बड़ा हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क तैयार होगा।

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