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पाकिस्तानी पायलट की भारत एंट्री कितनी आसान? हमामी इजराइल की फ्लाइट में कैसे पहुंचा, जांच में क्या सामने आया?

ओमान एयर से इजराइल तक कैसे पहुंचा हमामी
ओमान एयर से इजराइल तक कैसे पहुंचा हमामी

Flydubai Attack: कैप्टन स्मित पर हमला किसी चाकू से नहीं, बल्कि कॉकपिट में रखी क्रैश एक्स से किया गया था। यह कुल्हाड़ी विमान में आपात स्थिति के दौरान खिड़की या दूसरी चीजें तोड़ने के लिए रखी जाती है। इस घटना को अंजाम देने वाले को-पायलट हमाम अल-हमामी से जुड़ी कई नई जानकारियां भी सामने आई हैं।सवाल यह है कि हमामी आखिर कौन है? जब ओमान एयर ने उस पर कार्रवाई की थी, तो वह इजराइल जाने वाली फ्लाइट में को-पायलट के तौर पर कैसे पहुंचा? और क्या इसी तरह कोई पाकिस्तानी पायलट भारत में भी प्रवेश कर सकता है? आइए, इन सभी सवालों को आसान भाषा में समझते हैं।

Flydubai Attack: हमामी के बारे में सामने आई नई जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 29 वर्षीय हमाम अल-हमामी ओमानी नागरिक है। उसके पिता ओमान और मां सीरियाई मूल की बताई जाती हैं। हालांकि, ओमान सरकार ने अभी तक उसकी नागरिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।हमामी ने अपने जीवन का काफी समय यूएई में बिताया। सऊदी न्यूज एजेंसी ‘अल-अरबिया’ के मुताबिक, वह सीरिया में भी रहा था, जहां उसके ऊपर कट्टरपंथी विचारों का प्रभाव पड़ा।हमामी की लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उसने इंग्लैंड की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से 2023 में डिस्टेंस लर्निंग के जरिए एविएशन मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की थी।

Flydubai Attack: 2017 से ओमान एयर में कर रहा था काम

हमामी साल 2017 से ही ओमान की एयरलाइन ओमान एयर से जुड़ा हुआ था। 2024 में पायलट ट्रेनिंग के दौरान उसे कथित तौर पर कट्टरपंथी वेबसाइट्स एक्सेस करते हुए पकड़ा गया था।इसके बाद ओमान एयर ने उसे फ्लाइंग ड्यूटी से हटाकर ऑफिस में तैनात कर दिया। बताया जाता है कि हमामी को डेस्क पर काम करना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने जून 2025 में ओमान एयर से इस्तीफा दे दिया।

जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच उसने मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर मारोक में काम किया। इसके बाद उसने वहां से भी इस्तीफा दे दिया और करीब 8 महीने पहले, फरवरी 2026 में ओमानी एयरलाइन फ्लाईदुबई में को-पायलट के रूप में नौकरी शुरू की।मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई तस्वीर को आरोपी को-पायलट हमामी की तस्वीर बताया गया है।

Flydubai Attack: ओमान एयर से इजराइल तक कैसे पहुंचा हमामी
ओमान एयर से इजराइल तक कैसे पहुंचा हमामी
Flydubai Attack: घटना के 9 घंटे बाद कथित अकाउंट से हुईं पोस्ट

बुधवार को फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना के करीब 9 घंटे बाद हमामी के लिंक्डइन अकाउंट से दो पोस्ट की गईं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन पोस्ट को वास्तव में किसने अपलोड किया था।पहली पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट में बनाए गए कुछ वीडियो थे। जिस विमान में घटना हुई थी, वह भी फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था।

इसी वीडियो में दुबई एयरपोर्ट की एक क्लिप दिखाई गई, जिसमें इजराइली एयरलाइन एल अल के विमान को जूम करके दिखाया गया था। विमान की कॉकपिट स्क्रीन पर फ्लाइट नंबर ओएमए624 और तारीख 11 अक्टूबर 2023 दिखाई दे रही थी। यह दुबई से मस्कट जाने वाली फ्लाइट थी। यह तारीख इजराइल पर हमास के हमले के चार दिन बाद की थी। उस समय हमामी ओमान एयर में काम करता था।

एक अन्य क्लिप में एल अल के दूसरे विमानों के साथ इजराइली एयरलाइन अर्किया का विमान भी दिखाई देता है। वीडियो के अंत में अल-कायदा कमांडर अयमान अल-जवाहिरी और अल-कायदा आतंकी हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई गईं। अल-बलावी ने 2009 में हुए आत्मघाती हमले में 7 अमेरिकी सीआईए अधिकारियों समेत 9 लोगों की हत्या की थी।

दूसरी पोस्ट में एआई से बनाई गई एक तस्वीर थी। इसमें इस्लाम के तीन पवित्र स्थलों मक्का, मदीना और यरूशलेम को एक चमकती हुई लकीर से जुड़ा दिखाया गया था। बैकग्राउंड में चल रहे गाने में बेइज्जती को स्वीकार न करने और मौत से न डरने जैसी बातें कही गई थीं।यही दोनों वीडियो हमामी के नाम वाले एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी उसी समय पोस्ट किए गए थे। बाद में यह अकाउंट डिलीट कर दिया गया।

Flydubai Attack: महिलाओं को लेकर भी कट्टर विचार रखने का दावा

हमामी के कथित एक्स अकाउंट से उसके धार्मिक रूप से कट्टर होने और महिलाओं के प्रति नफरत रखने की बातें सामने आई हैं। अब इस अकाउंट से पोस्ट हट चुकी हैं। हालांकि, अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने एआई टूल की मदद से 2021 और 2022 के बीच किए गए करीब 3000 ट्वीट्स की जानकारी जुटाई है।फरवरी 2022 की एक पोस्ट में हमामी ने बताया था कि उसकी मां को उसके लिए ऐसी लड़की ढूंढने में परेशानी हो रही थी, जो शादी के बाद नौकरी न करे और हिजाब पहने।उसकी पोस्ट में लड़कियों के को-वर्किंग ऑफिस में काम करने का विरोध भी किया गया था। इनमें दावा किया गया था कि कई सम्मानित और धार्मिक लड़कियों की जिंदगी को-वर्किंग की वजह से खराब हुई और उनका शोषण हुआ।फ्लाईदुबई के एक पायलट ने भी बताया कि हमामी काफी धार्मिक था। वह कई बार नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था।

Flydubai Attack: ओमान एयर की कार्रवाई के बाद इजराइल कैसे पहुंचा?

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जिन देशों के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, उनके पायलट इजराइल आने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकते। उनके मुताबिक, हमामी ने किसी तरह इस नियम को पार किया और यह एक बड़ी कमी को दिखाता है।दरअसल, ओमान फिलिस्तीन का समर्थक है और इजराइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी नहीं हैं।हमामी के इजराइल जाने वाली फ्लाइट उड़ाने को लेकर तीन संभावित वजहें बताई जा रही हैं।

पहली वजह- पायलट को लेकर नियमों में चूक

एयरलाइंस दूसरे देशों के साथ एयर ऑपरेशन एग्रीमेंट करती हैं। इसमें तय किया जाता है कि एयरलाइन किसी देश में किन पायलटों और कर्मचारियों को भेज सकती है।इजराइली रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाईदुबई के इजराइल में ऑपरेशन से जुड़े समझौते में ओमानी पायलटों को इजराइल न भेजने की शर्त थी।लेकिन इजराइल और यूएई के बीच एविएशन को लेकर एक द्विपक्षीय समझौता इसके उलट स्थिति पैदा करता है। सितंबर 2020 में दोनों देशों ने अब्राहम एकॉर्ड पर हस्ताक्षर किए थे।इसके बाद यूएई और इजराइल के बीच एयर सर्विसेज एग्रीमेंट हुआ। इसके आर्टिकल 13 के अनुसार, दोनों देशों की एयरलाइंस अपने एविएशन स्टाफ को उनकी नागरिकता की परवाह किए बिना दोनों देशों के बीच भेज सकती हैं। इसमें पायलट की नागरिकता के लिए कोई अलग नियम नहीं है।ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय समझौते की वजह से फ्लाईदुबई के इजराइल ऑपरेशन एग्रीमेंट में पायलटों से जुड़ी शर्त को लेकर चूक हुई।

दूसरी वजह- हमामी का बैकग्राउंड चेक

इजराइल की खुफिया एजेंसी शिन बेत संवेदनशील देशों से आने वाली फ्लाइट्स और उनके क्रू पर नजर रखती है। विदेशी एयरलाइंस को भी संभावित सुरक्षा चिंताओं के बारे में जानकारी दी जाती है।हालांकि, कई रिपोर्ट्स के अनुसार शिन बेत ने हमामी का खुद बैकग्राउंड चेक नहीं किया। इसके बजाय उसने फ्लाईदुबई पर भरोसा किया कि एयरलाइन ऑपरेशन एग्रीमेंट में प्रतिबंधित नागरिकता वाले पायलट को इजराइल नहीं भेजेगी।

दूसरी तरफ, हाल के वर्षों में ओमान और इजराइल के संबंधों में कुछ सुधार हुआ है। दोनों देशों के नागरिक वीजा लेकर एक-दूसरे के देश जा सकते हैं। इजराइली रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कई ओमानी पायलट भी इजराइल जा चुके हैं।यह भी स्पष्ट नहीं है कि ओमान एयर ने हमामी पर की गई कार्रवाई की जानकारी दूसरी एयरलाइंस को दी थी या नहीं। फ्लाईदुबई ने भी यह नहीं बताया है कि हमामी को नौकरी देने से पहले उसने ओमान सरकार या ओमान एयर से उसका सत्यापन कराया था या नहीं।खास बात यह है कि हमामी ने मोरक्को की मारोक एयरलाइंस छोड़ने के केवल 7 महीने बाद फ्लाईदुबई जॉइन की थी।फिलहाल फ्लाईदुबई की इजराइल जाने वाली उड़ानें निलंबित हैं। इजराइल के ट्रांसपोर्ट मंत्री मिरी रेगेव ने इन्हें रोकने की मांग की थी।

Flydubai Attack: क्या हमामी ने किसी दूसरे देश की नागरिकता का इस्तेमाल किया?

शुरुआत में यह दावा किया गया था कि हमामी के पास किसी ऐसे देश की नागरिकता भी हो सकती है, जिसके पायलटों को इजराइल जाने की अनुमति है। माना गया था कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसे फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में उड़ान भरने की अनुमति मिली।हालांकि, 2 अक्टूबर को कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हमामी के पास कोई दोहरी नागरिकता नहीं थी। वह ओमानी पायलट के रूप में ही विमान उड़ा रहा था।एविएशन एक्सपर्ट अनंत सेठी के मुताबिक, फ्लाईदुबई एक बजट एयरलाइन है, जहां पायलट ट्रेनिंग पर कम खर्च किया जाता है। उनका कहना है कि एयरलाइन की सुरक्षा की जिम्मेदारी एयरलाइन के बजाय सरकार की होती है।उन्होंने संभावना जताई कि किसी साजिश के तहत हमामी को फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसी तीसरे देश की नागरिकता दिलाई गई हो और इसके बाद उसे फ्लाईदुबई में नौकरी दिलाई गई हो।

Flydubai Attack: ओमान एयर से इजराइल तक कैसे पहुंचा हमामी
ओमान एयर से इजराइल तक कैसे पहुंचा हमामी
Flydubai Attack: क्या पाकिस्तानी पायलट भारत आ सकता है?

अप्रैल 2025 से भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है। इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच कोई सीधी फ्लाइट नहीं है। इसके अलावा दोनों देशों की एयरलाइंस के विमान एक-दूसरे के एयरस्पेस से होकर किसी तीसरे देश में भी नहीं जा सकते।कोई पाकिस्तानी रजिस्टर्ड विमान भी भारत नहीं आ सकता, भले ही वह किसी दूसरे देश की एयरलाइन के तहत उड़ान भर रहा हो।एविएशन एक्सपर्ट अनंत सेठी के अनुसार, सख्त नियमों के बावजूद पाकिस्तानी पायलट के विमान लेकर भारत आने की दो संभावनाएं हो सकती हैं।

पहली संभावना- विदेशी नागरिकता लेकर

पाकिस्तानी नागरिकों को दोहरी नागरिकता रखने की अनुमति है। इसी वजह से कई लोग अमेरिका समेत दूसरे देशों की नागरिकता लेते हैं।अमेरिका सहित कई देशों में विदेशी नागरिक उनकी नागरिकता हासिल करने के बाद वहां की एयरलाइंस में पायलट बन सकते हैं। ऐसे में यह संभव है कि पाकिस्तानी मूल का कोई पायलट किसी विदेशी एयरलाइन का विमान उड़ाकर भारत पहुंच जाए।

दूसरी संभावना- एयरलाइन के डिक्लेरेशन से

कई देशों की एयरलाइंस विदेशी नागरिकता वाले पायलटों को भी नौकरी देती हैं। इजराइल ने फ्लाईदुबई के साथ ओमानी पायलटों को लेकर जो विशेष शर्त रखी थी, वैसी कोई शर्त भारत ने किसी विदेशी एयरलाइन के साथ तय नहीं की है।अप्रैल 2025 से भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों या पायलटों को वीजा देने पर रोक लगा रखी है। हालांकि, कई बार ‘जनरल डिक्लेरेशन’ नाम के दस्तावेज के आधार पर पायलट ऐसे देश में जा सकते हैं, जहां जाने के लिए उन्हें वीजा नहीं मिला हो।यह जनरल डिक्लेरेशन उड़ान शुरू होने के समय ही भेजा जाता है। वापसी की उड़ान के लिए भी इसी तरह का डिक्लेरेशन दिया जाता है।हालांकि, भारत का ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी बीसीएएस संवेदनशील विमानों और उनके क्रू की जांच करता है। ऐसे में पाकिस्तानी नागरिक का क्रू का हिस्सा बनकर भारत आना लगभग असंभव है। पायलट के दस्तावेज और बैकग्राउंड भी जांचे जाते हैं।अनंत सेठी का कहना है कि आखिरकार यह मामला पायलट के पेशे पर हमारे भरोसे से जुड़ा है। जिस तरह हम डॉक्टर से यह उम्मीद नहीं करते कि वह ऑपरेशन के दौरान जानबूझकर मरीज की जान लेगा, उसी तरह पायलट से भी भरोसा जुड़ा होता है। हालांकि, इसके बावजूद ऐसे अपराध सामने आते रहे हैं।

Flydubai Attack: हाइजैक के बाद हमामी क्या करना चाहता था?

शुरुआती इलाज के बाद हमामी को सऊदी अरब से यूएई भेज दिया गया था। वहां उससे जुड़ी जांच जारी है।इजराइली न्यूज एजेंसी आई24 न्यूज ने जांचकर्ताओं के हवाले से दावा किया है कि पूछताछ के दौरान हमामी ने विमान को इजराइल में क्रैश करने की बात कही थी।हमामी के सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ लिखे पर्चे और फिलिस्तीन के समर्थन से जुड़ी सामग्री मिलने की भी बात सामने आई है। वह इजराइल के विरोध में बातें भी करता था।

जांच एजेंसियों के सामने तीन बड़े सवाल

फिलहाल जांच एजेंसियां इस मामले में तीन अहम सवालों के जवाब तलाश रही हैं। पहला, हमामी कब और किस तरह कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ और इस दौरान वह कुछ धार्मिक लोगों के संपर्क में भी कैसे आया?दूसरा, क्या इस पूरे प्लान को हमामी ने अकेले तैयार किया था या उसके साथ कोई और लोग भी शामिल थे?तीसरा, फ्लाइट के दौरान कैप्टन स्मित पर किया गया हमला क्या स्पष्ट रूप से किसी आतंकी साजिश या आतंकी इरादे का हिस्सा था?