CJP leaders released: लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी को 11 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम पुलिस ने तड़के करीब 3 बजे रिहा कर दिया। उनके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीनों नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को भी रिहा कर दिया गया है। ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था, जबकि CJP के तीनों नेताओं को शनिवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया था। ध्रुव राठी को गुरुग्राम पुलिस ने निवारक हिरासत में लिया था, वहीं CJP के तीनों नेताओं को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में रखा था।
CJP leaders released: CJP के तीनों नेताओं को क्यों हिरासत में लिया गया-
CJP के तीनों नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरव दास 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। वे जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले प्रोटेस्ट 2.0 में शामिल होने आए थे। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। कानून-व्यवस्था बिगड़ने और आम लोगों को असुविधा होने की आशंका के चलते पुलिस ने तीनों नेताओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में ले लिया था।
CJP leaders released: एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा हुए तीनों नेता-
CJP के तीनों नेताओं को 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों नेताओं ने एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार के लिए 50 हजार रुपये का बेल बॉन्ड भी भरा। उनके वकील सौतिक बनर्जी ने भी रिहाई की पुष्टि की। वहीं, ध्रुव राठी को गुरुग्राम पुलिस ने तड़के करीब 3 बजे रिहा किया था। उनकी रिहाई के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने पुलिस को हमीपत्र दिया था।
CJP के प्रदर्शन के दौरान हजारों समर्थकों को हिरासत में लिया गया-
CJP ने रविवार को लगातार दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हजारों समर्थकों को रास्ते में ही रोक दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन और पुलिस की व्यवस्था को लेकर मामला चर्चा में रहा।
दिल्ली में ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई-
इस बीच, दिल्ली में 250 ट्रेनों को रद्द करने और 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट रविवार को छुट्टी के दिन सुनवाई करने वाला है। मामले में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के चेयरपर्सन के खिलाफ अदालत के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है।









