Rahul meets CJI Surya Kant: INDIA ब्लॉक आज ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR पर रोक और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है। CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। जानिए पूरे विवाद की 5 बड़ी बातें।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च क्यों कर रहा विपक्ष?
कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक में शामिल विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को ‘चलो दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विपक्षी नेता दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड जंक्शन पर जुटेंगे। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और कई इलाकों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
Rahul meets CJI Surya Kant: CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी और खड़गे को मिलने का समय क्यों नहीं दिया?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का उद्देश्य ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखना था। हालांकि, सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, CJI ने मुलाकात से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह CJI के निर्णय का सम्मान करती है, लेकिन उसका प्रस्तावित मार्च जारी रहेगा। इसका क्या मतलब है? रिपोर्ट में सामने आई वजह लंबित मामलों से जुड़ी है। इसे विपक्ष के आरोपों या चुनाव प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम रुख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मुलाकात से इनकार अपने आप में यह साबित नहीं करता कि अदालत ने विपक्ष की मांगों पर कोई निष्कर्ष दे दिया है।
विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें क्या हैं?
विपक्ष के आंदोलन के केंद्र में मुख्य रूप से तीन मांगें हैं: मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। SIR पर रोक: विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर आपत्ति जता रहा है और इस प्रक्रिया पर रोक चाहता है। बैलेट पेपर से चुनाव: विपक्ष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर जवाब जरूरी है। दूसरी ओर, इन आरोपों और मांगों को अलग-अलग तथ्यों तथा संबंधित संस्थाओं के जवाब के आधार पर परखना होगा। केवल राजनीतिक आरोपों से चुनाव में गड़बड़ी साबित नहीं होती।

Rahul meets CJI Surya Kant: 6 से 9 अक्टूबर तक क्या हुआ था?
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन पिछले कई दिनों से जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के 200 से अधिक सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकाला था। सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी नेताओं ने धरना दिया। इस दौरान उन्हें हिरासत में भी लिया गया।
7 अक्टूबर को राहुल और प्रियंका गांधी जंतर-मंतर की ओर बढ़े, लेकिन उन्हें आगे जाने से रोक दिया गया। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आकाशवाणी परिसर में कथित रूप से जबरन प्रवेश करने के आरोप में राहुल, प्रियंका और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इस मामले में आरोपों और पुलिस की कार्रवाई का अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
8 अक्टूबर को राहुल-प्रियंका और विपक्षी सांसदों ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में क्या इंतजाम किए गए हैं?
INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार सोमवार शाम 4 बजे तक बंद रखने की सूचना दी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी की है। शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान राउंडअबाउट, मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, पटेल चौक और अशोक रोड समेत कई इलाकों में यातायात डायवर्जन की आशंका जताई गई है। नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली से रेलवे स्टेशन, ISBT या एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
Rahul meets CJI Surya Kant: आगे क्या होगा?
विपक्ष का मार्च और उसकी मांगें चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर जारी राजनीतिक टकराव का हिस्सा हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदर्शन के दौरान विपक्ष अपनी मांगों को किस तरह आगे बढ़ाता है, चुनाव आयोग और संबंधित संस्थाओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और लंबित न्यायिक मामलों में आगे क्या होता है। फिलहाल, विपक्ष के आरोपों, सरकार और चुनाव आयोग के रुख तथा अदालत में लंबित मामलों को अलग-अलग समझना जरूरी है। यही तय करेगा कि इस राजनीतिक विवाद में आगे कौन-से तथ्य और कानूनी सवाल सामने आते हैं।
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