Dhruv Rathee: यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। दिल्ली के वकील विवेक गर्ग ने पुलिस कमिश्नर, नॉर्थ जिले के डीसीपी और रूप नगर थाने में यह शिकायत दी है। आरोप है कि ध्रुव राठी ने एक इंटरव्यू के दौरान भारतीय सेना और पुलिस को केंद्र सरकार के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके बयान देश और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश से जुड़े हो सकते हैं। इस संबंध में शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का भी जिक्र किया गया है, जिसमें ध्रुव राठी कथित तौर पर ऐसी बातें कहते नजर आ रहे हैं।
Dhruv Rathee: ध्रुव राठी पर गंभीर आरोप, जांच की मांग
विवेक गर्ग ने अपनी शिकायत में ध्रुव राठी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने की मांग की है। उन्होंने उनके आर्थिक स्रोतों और कथित संपर्कों की जांच करने के साथ पासपोर्ट जब्त करने की अपील भी की है। शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।विवेक गर्ग का आरोप है कि ध्रुव राठी अपने बयानों के जरिए देश के खिलाफ माहौल बनाते हैं और विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रचते हैं। उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले एक इंटरव्यू में ध्रुव राठी ने सेना, पुलिस और कलाकारों से विद्रोह करने और सरकार को सत्ता से हटाने की बात कही थी।
भारत में तख्तापलट और गृहयुद्ध की साजिश का दावा
शिकायतकर्ता ने ध्रुव राठी के कथित बयानों को देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश से जुड़ा बताया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत गंभीर कार्रवाई हो सकती है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान होने का दावा किया गया है।विवेक गर्ग ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, ध्रुव राठी को गिरफ्तार करने और उनका पासपोर्ट जब्त करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने उनके आर्थिक लेन-देन और कॉल डिटेल्स की जांच करने की भी अपील की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी और उनसे जुड़े लोग पाकिस्तान की तरह भारत में भी सेना के जरिए तख्तापलट कराने और गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं।

Dhruv Rathee: सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए थे ध्रुव राठी
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब ध्रुव राठी हाल ही में दिल्ली और बेंगलुरु में हुए प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। 10 अक्टूबर को वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में पहुंचे थे। यह प्रदर्शन सीजेपी की ओर से बुलाया गया था।इससे पहले 8 अक्टूबर को भी ध्रुव राठी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में सीजेपी के प्रदर्शन में नजर आए थे। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर की सुबह उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित एक फ्लैट से हिरासत में लिया था।
आपराधिक मानहानि के पुराने मामले में भी समन जारी
ध्रुव राठी के खिलाफ एक अन्य मामले में भी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। दिल्ली की साकेत अदालत ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के पुराने मामले में नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है। यह मामला विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे की शिकायत पर दर्ज किया गया था।शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी के ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2′ नाम के वीडियो को लेकर यह मामला दायर किया गया था। अदालत ने समन पहुंचाने के लिए दस्ती सेवा की अनुमति भी दी है। इसके तहत शिकायतकर्ता को समन की प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करने के लिए प्रोसेस सर्वर के साथ जाने की इजाजत दी गई है।
Dhruv Rathee: 17 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
जानकारी के अनुसार, अदालत ने 12 अक्टूबर को दिए गए आदेश में ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित आवास पर समन भेजने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की अनुमति दी थी। अदालत ने शिकायतकर्ता को प्रोसेस सर्वर के साथ जाने की भी मंजूरी दी, ताकि समन की तामील कराई जा सके। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।








