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कौन है बावरिया गिरोह? धीरेंद्र शास्त्री की रथ यात्रा में चोरी कैसे हुई? 10 गिरफ्तार, 42 लाख की बरामदगी और पुलिस जांच समझिए

Garba: कौन है बावरिया गिरोह? धीरेंद्र शास्त्री की रथ यात्रा में चोरी कैसे हुई?

Dhirendra Shashtri: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू सनातन रथ यात्रा के दौरान चोरी की घटनाओं के मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से करीब 42 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और तीन लग्जरी कारें शामिल हैं। जांच में पुलिस ने भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान चोरी किए जाने के आरोपों की पड़ताल की है।

पन्ना में रथ यात्रा के दौरान क्या हुआ?

पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र में 12 अक्टूबर 2026 को हिंदू सनातन रथ यात्रा के दौरान चोरी की शिकायतें सामने आई थीं। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों के आभूषण और अन्य कीमती सामान गायब होने की शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों की पहचान के लिए टीम गठित की।

Dhirendra Shashtri: कौन है बावरिया गिरोह?

इस मामले की रिपोर्टों में गिरफ्तार संदिग्धों के समूह के लिए बावरिया गिरोह नाम का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस जांच के मुताबिक, पकड़े गए लोगों के संबंध अलग-अलग राज्यों से बताए गए हैं। हालांकि, इस नाम के आधार पर किसी पूरे समुदाय या उपनाम वाले सभी लोगों को अपराध से जोड़ना उचित नहीं है। इस मामले में गिरफ्तार व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।

भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध धार्मिक आयोजनों की जानकारी जुटाकर भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में पहुंचते थे। आरोप है कि रथ यात्रा के दौरान भी भीड़ का फायदा उठाकर आभूषण और अन्य सामान चोरी किए गए। संदिग्धों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी का सहारा लिया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की।

Dhirendra Shashtri: 10 गिरफ्तार, करीब 42 लाख की बरामदगी

पुलिस की कार्रवाई में पांच महिलाओं और पांच पुरुषों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, करीब 11 लाख रुपये के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और तीन लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। बरामद संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 42 लाख रुपये बताया गया है। पुलिस बरामद सामान के संबंध में शिकायतकर्ताओं और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

पुलिस जांच में अब आगे क्या?

पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देश पर अमानगंज पुलिस और साइबर टीम ने मामले की जांच की। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की घटनाओं में किसकी क्या भूमिका थी और क्या उनका अन्य वारदातों से भी संबंध है। जांच में चोरी हुए सामान की पहचान, शिकायतों का मिलान और उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।

 

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