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रीलबाज अभिनव पांडे का कैमरे के सामने तीखे सवालों से सामना, फंडिंग से लेकर महंगे होटल में ठहरने तक पर उठे सवाल

अभिनव पांडे से फंडिंग पर सवाल, वीडियो वायरल
अभिनव पांडे से फंडिंग पर सवाल, वीडियो वायरल

Abhinav Pandey: पंजाब में लाठीचार्ज की घटना को लेकर पत्रकारिता, मीडिया की भूमिका और पत्रकारों की फंडिंग पर एक बार फिर सवाल उठते दिखाई दिए। खबर इंडिया के एक वीडियो में पत्रकार अभिनव पांडे से पंजाब में लाठीचार्ज की घटना पर सवाल पूछने के साथ-साथ उनके पांच सितारा होटलों में रुकने और उनके काम के लिए फंडिंग के स्रोत के बारे में भी सवाल किए गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सवाल-जवाब के बीच आरोप-प्रत्यारोप, कैमरे के सामने जवाब देने की चुनौती और धक्कामुक्की जैसी स्थिति भी सामने आई। वीडियो में पत्रकारिता की स्वतंत्रता, मीडिया की जवाबदेही और पत्रकारों के प्रति लोगों के रवैये को लेकर भी सवाल उठते नजर आए।

Abhinav Pandey: पंजाब में लाठीचार्ज को लेकर पूछा सवाल

खबर इंडिया के वीडियो में पत्रकार अभिनव पांडे से सवाल किया गया कि क्या वह पंजाब में हुए लाठीचार्ज की घटना का वीडियो बनाएंगे और इस मामले को भी उसी तरह सामने लाएंगे, जैसे दूसरी घटनाओं को कवर करते हैं। इसके साथ ही उनसे पूछा गया कि वह पांच सितारा होटलों में कैसे रुकते हैं और उनके ठहरने का खर्च कौन उठाता है। सवाल पूछने वाले पत्रकार ने उनकी फंडिंग के स्रोत के बारे में भी जवाब मांगा।

चित्रा त्रिपाठी को लेकर भी हुआ विवाद

वीडियो में चित्रा त्रिपाठी का जिक्र करते हुए कहा गया कि जब उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा सकता है, तो अभिनव पांडे को भी अपनी पहचान और काम से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। सवाल पूछने वाले पत्रकार ने कहा कि वह अभिनव का पक्ष और उनका व्यवहार जनता के सामने रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि अभिनव पांडे की पहचान क्या है और उनके काम के लिए पैसा कहां से आता है।

Abhinav Pandey: सवालों के बीच अभिनव पांडे से जवाब देने की मांग

वीडियो में पत्रकार बार-बार अभिनव पांडे से रुककर सवालों का जवाब देने के लिए कहते नजर आए। उन्होंने उनसे पूछा कि वह वहां से क्यों जा रहे हैं और सवालों का सामना करने से क्यों बच रहे हैं। इस दौरान यह आरोप भी लगाया गया कि अभिनव पांडे लोगों के बीच नफरत का माहौल बनाने वाले एजेंडे से जुड़े रहे हैं और अब उन्हें अपने काम को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है।हालांकि, ये आरोप सवाल पूछने वाले पत्रकार की ओर से लगाए गए थे। वीडियो में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती है।

पत्रकारिता और सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल

वीडियो में पत्रकारों के काम, उनकी लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर मिलने वाले व्यूज को लेकर भी बहस हुई। सवाल पूछने वाले पत्रकार ने अभिनव पांडे से कहा कि वह खुद को सच्चा और अच्छा पत्रकार बताते हैं, लेकिन अब सवालों का जवाब देने के बजाय वहां से जा रहे हैं।इस दौरान अभिनव पांडे की पहचान, उनके चैनल की लोकप्रियता और सब्सक्राइबर की संख्या को लेकर भी सवाल किए गए। जवाब में यह मुद्दा उठा कि क्या किसी दूसरे पत्रकार की वजह से उनके व्यूज या सब्सक्राइबर बढ़े हैं। इस पर सवाल पूछने वाले पत्रकार ने कहा कि उनके चैनल के व्यूज और सब्सक्राइबर को किसी एक व्यक्ति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

Abhinav Pandey: माइक फेंकने और सवाल पूछने को लेकर बहस

वीडियो में एक जगह माइक फेंकने को लेकर भी विवाद होता दिखाई देता है। सवाल पूछने वाले पत्रकार ने कहा कि उनसे यह क्यों कहा जा रहा है कि उन्हें कौन जानता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पहले उनके वीडियो को व्यूज नहीं मिलते थे और क्या उनके चैनल के लाखों सब्सक्राइबर किसी दूसरे पत्रकार की वजह से हुए हैं।इस बीच अभिनव पांडे की ओर से यह सवाल भी उठाया गया कि जब एक साथ कई लोग सवाल पूछेंगे, तो उनका जवाब देना मुश्किल होगा। वीडियो में सवाल पूछने वाले पत्रकार को यह कहते भी सुना जा सकता है कि एक साथ कई लोगों के सवाल करने से स्थिति उलझ सकती है। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे पर बहस होती रही।

पत्रकारों के साथ मारपीट का विरोध करने का दावा

वीडियो में सवाल पूछने वाले पत्रकार ने कहा कि उन्होंने पत्रकारों के साथ मारपीट का विरोध किया है और वह नहीं चाहते कि किसी पत्रकार के साथ हिंसा हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सवाल पूछना है और वह चाहते हैं कि सामने वाला व्यक्ति उनका जवाब दे।इस बीच उन्होंने अभिनव पांडे से दोबारा पंजाब में लाठीचार्ज, फंडिंग और उनके काम से जुड़े सवालों का जवाब देने की मांग की।

Abhinav Pandey: पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया

वीडियो के अंतिम हिस्से में पुलिस दोनों पक्षों को अलग करती दिखाई देती है। इस दौरान भी सवाल पूछने वाले पत्रकार अभिनव पांडे से जवाब देने के लिए कहते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं और अब सवालों का सामना नहीं कर रहे हैं। वीडियो में धक्कामुक्की नहीं करने की अपील भी की गई।वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने पत्रकारों से शांति बनाए रखने और सवालों का जवाब देने की अपील की। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति से एक साथ कई सवाल पूछने के बजाय उसे जवाब देने का मौका मिलना चाहिए।

मीडिया की जवाबदेही पर फिर छिड़ी बहस

खबर इंडिया के इस वीडियो में पत्रकारों के बीच तीखी बहस के साथ मीडिया की जवाबदेही, पत्रकारों की फंडिंग और सवाल पूछने के अधिकार जैसे मुद्दे सामने आए। जहां एक पक्ष ने अभिनव पांडे से उनके काम और फंडिंग को लेकर जवाब मांगे, वहीं वीडियो में एक साथ कई लोगों के सवाल पूछने और पत्रकारों के बीच बढ़ते तनाव की स्थिति भी दिखाई दी।यह वीडियो मीडिया के काम करने के तरीके और पत्रकारों के बीच असहमति को सार्वजनिक रूप से सामने लाता है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों और फंडिंग से जुड़े सवालों पर किसी स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।