Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में ग्राम पंचायत पुनर्गठन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। टप्पल ब्लॉक की खैर तहसील अंतर्गत आने वाले गांव सलेमापुर के ग्रामीणों ने अपनी अलग ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग तेज कर दी है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण अब सीधे गोरखपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री से गुहार लगा रहे हैं।
अलग पंचायत की मांग क्यों?
ग्रामीणों के अनुसार, सलेमापुर वर्तमान में शाह नगर सौरोला ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है, लेकिन अब तक यहां से कोई प्रधान नहीं चुना गया। उनका आरोप है कि हर बार शाह नगर सौरोला से ही प्रधान चुने जाने के कारण सलेमापुर विकास की दौड़ में पीछे रह गया है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर आगामी पंचायत चुनाव से पहले गांव को अलग ग्राम पंचायत घोषित करने की मांग की है।

Aligarh News: शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
सलेमापुर की लगभग 1500 की आबादी होने के बावजूद गांव में प्राथमिक विद्यालय तक नहीं है। बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब 3 किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि गांव में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की आबादी अधिक होने के कारण उन्हें भेदभाव और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इसी वजह से विकास कार्यों में भी पक्षपात होता है और सलेमापुर को नजरअंदाज किया जाता है।
अलग पंचायत बनने से बढ़ेगी विकास की रफ्तार
ग्रामीणों का मानना है कि यदि सलेमापुर को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा मिल जाता है, तो गांव में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, शिक्षा, पानी और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार और स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या आगामी पंचायत चुनाव से पहले सलेमापुर को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा मिल पाता है या नहीं।








