Anil Vij: संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पारित न होने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। सत्तापक्ष के नेताओं ने विपक्ष पर तीखे आरोप लगाते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम बताया है। हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज से लेकर केंद्र सरकार के नेताओं तक, सभी ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए और इसे जनहित के खिलाफ बताया।
अनिल विज का विपक्ष पर तीखा हमला
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं की बढ़ती ताकत से घबरा गए हैं और इसी वजह से उन्होंने यह विधेयक गिरवा दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल पूरे देश के हित में था और इसमें महिलाओं को आरक्षण देने के साथ-साथ परिसीमन का प्रावधान भी शामिल था। विज ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मिलकर जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्य को रोक दिया।
Anil Vij: बढ़ती जनसंख्या और परिसीमन की जरूरत
अनिल विज ने कहा कि देश की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन लोकसभा की सीटों की संख्या 1976 के बाद से लगभग स्थिर है। उन्होंने बताया कि कई ऐसी सीटें हैं जहां जनसंख्या 20 लाख से अधिक है, जिससे एक सांसद के लिए सभी समस्याओं को संभालना कठिन हो जाता है। उनके अनुसार, परिसीमन की प्रक्रिया समय की मांग है, जिसे विपक्ष ने बाधित किया है।
अन्य नेताओं ने भी जताई नाराजगी
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने इस घटनाक्रम को देश की आधी आबादी के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन का उद्देश्य महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोक दिया। वहीं, भाजपा नेता डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के विश्वास को चोट पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि नारी शक्ति इस अपमान का जवाब जरूर देगी।
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