Azam Khan ED Arrest: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल से शनिवार को रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान जेल से बाहर आए थे, लेकिन जेल के बाहर पहले से मौजूद ED की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह मामला मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन अधिग्रहण की जांच से संबंधित है।
Azam Khan ED Arrest: जमानत मिलने के बाद जेल से हुए थे रिहा
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दी थी। इस मामले में पिछले साल नवंबर में दोनों को दोषी ठहराया गया था। इसके बाद 17 नवंबर 2025 से आजम खान और उनके बेटे रामपुर जेल में बंद थे। शनिवार को जमानत के बाद आजम खान की रिहाई हुई, लेकिन ED की टीम पहले से ही जेल के बाहर मौजूद थी। जेल से बाहर आते ही अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक, उन्हें रविवार को गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा।
Azam Khan ED Arrest: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला
आजम खान की गिरफ्तारी का संबंध मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से है। ED ने इस मामले में 13 अक्टूबर को केस दर्ज किया था। यह केस उत्तर प्रदेश के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज 54 FIR के आधार पर बनाया गया है। इन FIR में आरोप लगाया गया है कि किसानों की जमीन जबरन लेकर जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और विस्तार के लिए इस्तेमाल की गई। इसके अलावा आजम खान पर 2016 में कई मकानों को गिराने और सरकारी परियोजनाओं से जुड़े सामान और उपकरणों का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी परिसर में कराने के आरोप भी हैं।
ED ने 426 करोड़ रुपये की संपत्ति को बताया अपराध की कमाई
ED की जांच में जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की अनुमानित निर्माण लागत 499.09 करोड़ रुपये है। वहीं, ट्रस्ट के इनकम टैक्स रिटर्न में वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 के बीच केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाया गया है। ED का दावा है कि जांच के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस की कुल लागत में से केवल 72.63 करोड़ रुपये का वैध स्रोत साबित हो सका। बाकी 426.46 करोड़ रुपये को एजेंसी ने कथित अपराध से हुई कमाई माना है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और उससे जुड़ी संपत्तियों की खरीद और निर्माण में किया गया।
जौहर यूनिवर्सिटी की 59 इमारतें अटैच
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने 28 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया था। ED के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों की बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये है। इनमें यूनिवर्सिटी परिसर की 59 इमारतें भी शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के निर्माण और दूसरे कार्यों में किया गया। इसके अलावा, सरकारी ठेके पाने वाले ठेकेदारों के माध्यम से दान के रूप में पैसा ट्रस्ट तक पहुंचाने का भी दावा किया गया है। कुल मिलाकर, आजम खान की गिरफ्तारी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की जांच का हिस्सा है। एजेंसी अब इस मामले में धन के स्रोत और संपत्तियों से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है।
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