Breaking News
Home » News » Bangladesh News: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश – हम विकास के उत्प्रेरक बनेंगे !

Bangladesh News: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश – हम विकास के उत्प्रेरक बनेंगे !

Bangladesh News: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश - हम विकास के उत्प्रेरक बनेंगे !

Bangladesh News: ढ़ाका में तारिक रहमान को राष्ट्रपति मोहमद शाहबुद्दीन ने 17 फरवरी को कैबनेट के साथ प्रधानमंत्री पद की शपथ बंगभवन से हटकर एक सदनीय संसद में दिलवाई। शपथ समारोह पिछले समाहरोहों से हटकर संसद में आयोजित किया गया था। समारोह में, चुनाव में जो एक वायदा था- संविधान में संशोधन के लिए रिफ्रेंडम हांे, वह भी शपथ का हिस्सा होना था, पर उस शपथ को लेने से तारिक रहमान ने सिरे से खारिज कर दिया। इस कारण विपक्षी दल जमाइते इस्लामि और एनसीपी ने शपथ समारोह का बहिष्कार कर दिया था। उनकी नाराजगी का कारण रिफ्रेंडम को न स्वीकारना था।

प्रधानमंत्री मोदी पहले नेता थे, जिन्होंने बांग्लादेश में चुनाव संपन्न होने के बाद तारिका रहमान की जीत पर बधाई संदेश भेजा था। वह शपथ समारोह में जाना चाहते थे, पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का भारत में व्यस्त कार्यक्रम होने से मोदी ढ़ाका नहीं जा सके। इसलिए भारत का प्रतिनिधित्तव करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शपथ समरोह में गये। उनके हाथ प्रधनमंत्री ने तारिक रहमान को सपरिवार शीघ्र ही भारत आने का निमंत्रण भेजा था। इस पर बंाग्लादेश के प्रधानमंत्री का रुख भारत के साथ अच्छे संबंधों का पैगाम मिला। क्योकि पिछले डेढ़ वर्ष से बांग्लदेश के अंतरिम कार्यकारी प्रशासक मोहम्मद यूनुस का रुख मैत्रीपूर्ण नहीं था। इस खटास को दूर करने में प्रधानमंत्री तारिक रहमान की आरम्भिक शैली अच्छे संबंधों की जमीन तैयार करने का काम कर रही है।

दूसरी ओर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ढ़ाका में जमाइते इस्लामि पार्टी के मुखिया शफिकुर रहमान,जो बिपक्ष के सदन में नेता हैं, उनसे शिष्टाचार मुलाकात की। भारत के साथ पिछले वर्षों से जमाइते इस्लामि का पाकिस्तान की तरफ रुख होने से संबंध मधुर नहीं थे। बांग्लादेश में इस पार्टी पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समय पर कई बार प्रतिबंध लगे, इस कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। लेकिन शेख हसीना का तख्ता पलटने के बाद अंतरिम प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया था।नई सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में मिश्रित नये और पुराने चेहरों को पद सौंपे हैं। 25 सीनियर मंत्रियों में से 9 मंत्रियों ने खालिदा जिया के मत्रिमंडल में कार्य किया था। पूर्व वाणिज्य मंत्री खसरु महमुद चैधरी को वित्त मंत्रालय और खलिलुर रहमान, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अंतरिम सरकार मे था, उसे बिदेश मंत्री का पद दिया। बांग्लादेश की नई कैबनेट में दो अल्पसंख्यक प्रतिनिधि भी शामिल किये गये हैं। एक हैं बीएनपी के उपाध्यक्ष निताय राय चैधरी यह हिंदू हैं और दूसरे दिपेन देवन, यह बुद्धिष्ट हैं।समझा जाता है कि जब आवामी लीग पार्टी को अमान्य करार कर दिया गया था। उसे चुनाव में भाग लेने से वंचित कर दिया गया था। इस कारण वह लोग, जो आवामी पार्टी के समर्थक थे, उनमें से कुछ ने चुनाव में भाग नहीं लिया और जिन्होंने भाग लिय उन्होंने बीएनपी पार्टी के समर्थन में अपने मत डाले। इसी कारण तारिक रहमान को दो तिहाई बहुमत हासिल हुआ।इस तरह से नई सत्ता के आने से शेख हसीना को वह कड़ुआहट नहीं झेलनी पड़ेगी, जो जमाइते इस्लामि पार्टी के सत्ता में आने पर झेलनी पड़ती। संबंधों में सुधार के संकेत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि शेख हसीना वापस बांग्लादेश जा सकती है।बांग्लादेश के चुनाव में सत्ता परिवर्तन से भारत को अपनी भूमिका नये सिरे से निभानी पड़ेगी। यह भी नई सरकार कोशिश कर रही है कि किसी अन्य देश के प्रभाव से बांग्लादेश को मुक्त रखा जाए।

भगवती प्रसाद डोभाल

ये भी पढ़े: योगी सरकार की बड़ी पहल: अब जेल में बंद कैदी भी देंगे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा