Bengal News: पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने ईद के जश्न के बीच पूर्व राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने सिलीगुड़ी में ममता बनर्जी और उनके नेताओं के खिलाफ एफआईआर, बांग्लादेश पर सुवेंदु अधिकारी की टिप्पणी और लक्ष्मी भंडार योजना में 30 लाख संदिग्ध नामों के मामले पर प्रतिक्रिया दी।
सख्त रुख ने संदेश दिया साफ
दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य में अवैध घुसपैठियों को पहले सरकारी सुविधाएं और नागरिकता प्रमाण पत्र दिए जाते थे, लेकिन अब भाजपा सरकार की सख्त नीति के कारण स्थिति बदल रही है। पहले घुसपैठियों को यहां लाकर विभिन्न सरकारी सुविधाएं दी जाती थीं, लेकिन हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है कि अवैध रूप से रह रहे किसी भी विदेशी नागरिक को ऐसे लाभ प्राप्त करने या यहां रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बिना किसी बड़ी कार्रवाई के भी इस सख्त रुख ने संदेश साफ कर दिया है। खबरों के अनुसार, हजारों लोग बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रहे हैं। ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों पर सिलीगुड़ी में दर्ज एफआईआर के बारे में पूछे जाने पर दिलीप घोष ने कहा कि और भी कई एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी, उनके मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होने वाली हैं।
Bengal News: आम जनता को असुविधा नहीं
जिस तरह से हिंदू धर्म, देश, संविधान, हमारे राष्ट्रीय नेताओं, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणियां की गईं, उसे देखते हुए जनता की तरफ से कई शिकायतें आनी चाहिए। सभी हदें पार हो चुकी हैं। ईद उत्सव को लेकर उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों के त्योहार लगातार मनाए जाते हैं, लेकिन किसी भी फैसले से आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। लक्ष्मी भंडार योजना में 30 लाख संदिग्ध नामों के आरोप पर भी दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे बड़े पैमाने पर घोटाले का हिस्सा बताया और कहा कि योजना का दुरुपयोग कर अवैध घुसपैठियों और फर्जी लाभार्थियों को फायदा पहुंचाया गया। भाजपा नेता ने ममता बनर्जी सरकार पर बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाई जा रही है और अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
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