Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी अंदरूनी हलचल के बीच पार्टी की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा का एक सोशल मीडिया पोस्ट नई राजनीतिक चर्चाओं का कारण बन गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से भेजे गए एक आधिकारिक पत्र को साझा करते हुए महुआ ने उनकी संवेदनशीलता की सराहना की, जिसके बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या वह भी पार्टी के असंतुष्ट नेताओं की कतार में शामिल होने जा रही हैं।
राजनाथ सिंह को कहा धन्यवाद
महुआ मोइत्रा ने एक्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पत्र साझा करते हुए लिखा कि सशस्त्र बलों के दिव्यांग कर्मियों की विकलांगता पेंशन पर आयकर छूट जारी रखने के प्रति उनकी सहानुभूति सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त मंत्रालय भी इसी संवेदनशीलता के साथ इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाएगा। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय हिंद” भी लिखा।
Bengal News: क्या था रक्षा मंत्री के पत्र में?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पत्र में बताया कि महुआ मोइत्रा द्वारा लोकसभा में उठाए गए मुद्दे पर विचार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकलांगता पेंशन पर आयकर छूट का विषय वित्त मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। साथ ही यह भी कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस संबंध में नई अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक भारतीय सशस्त्र बलों के दिव्यांग अधिकारियों की विकलांगता पेंशन और सेवा संबंधी हिस्सा आयकर से मुक्त रहेगा।
टीएमसी में बढ़ीं राजनीतिक अटकलें
महुआ मोइत्रा की इस सार्वजनिक सराहना ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेताओं के पार्टी छोड़ने और अंदरूनी असंतोष की खबरों के बीच विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इसे नए संकेत के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि महुआ मोइत्रा ने कहीं भी पार्टी छोड़ने या टीएमसी नेतृत्व पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
Bengal News: ममता बनर्जी का केंद्र पर लगातार हमला
एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव और सौतेले व्यवहार का आरोप लगाती रही हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी करीबी मानी जाने वाली सांसद द्वारा मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री की खुले तौर पर प्रशंसा किए जाने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फिलहाल महुआ मोइत्रा की ओर से टीएमसी छोड़ने जैसी किसी संभावना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके इस पोस्ट को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक कयासों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
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