Home » बिहार » Bihar: धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर भी नहीं, इलाज के नाम पर जा रही जानें

Bihar: धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर भी नहीं, इलाज के नाम पर जा रही जानें

Bihar: धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर भी नहीं, बेमौत मर रहे लोग
Bihar:  इलाज के लिए कई बार लोग ऐसे अस्पतालों के चंगुल में भी फंस जाते हैं जिनके पास न तो अस्पताल के संचालन का वैध लाइसेंस होता है और न ही प्रशिक्षित डॉक्टर। ऐसे में मरीज की जिंदगी भगवान भरोसे हो जाती है। जानकारी के मुताबिक बिहार राज्य के सीवान में अवैध रूप से ऐसे अस्पताल और निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां न तो प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और न ही अस्पताल संचालकों के पास वैध लाइसेंस।ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये अस्पताल कैसे संचालित हो रहे हैं ?

शिशु की मौत से चर्चा में आए फर्जी अस्पताल

सीवान जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों का मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब 16 दिन से एक क्लीनिक में भर्ती नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में पहुंचकर अपना रोष जताया।परिजनों का आरोप है कि इस अस्पताल को फर्जी तरीके से संचालित किया जा रहा है। यहां न ही प्रशिक्षित डॉक्टर हैं न ही और कोई अन्य स्वास्थ्य कर्मी है। इसके बावजूद भी यहां पर आने वाले मरीजों से हजारों रुपये फीस के नाम पर वसूले जाते हैं।

Bihar:  शिकायत के बावजूद नहीं होती कार्रवाई 

बताया जा रहा है कि जिलेभर में इस तरह के एक नहीं बल्कि कई तरह के अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न ही वैध दस्तावेज हैं और न ही प्रशिक्षित डॉक्टर। कई बार अस्पताल में अप्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी मरीजों को सूई लगा देते हैं। इसके बाद मरीजों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही, कहा जा रहा है कि कई बार इस संबंध में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि अब तक इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से इस तरह के अस्पतालों और अन्य क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और वो इसे धडल्ले से संचालित कर रहे हैं।

Bihar:  आम लोगों में आक्रोश

अब स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की है और मांग की है कि सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जो लोग भी इन अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं है ? जो कि अभी तक इस तरह के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। अब इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़ें….जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ बड़ी जंग, नशा विरोधी मुहिम तेज, सोपोर में तस्कर दबोचा गया

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments