BJP State Elections: 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 2014 और 2019 की तरह अकेले बहुमत नहीं मिल पाया। यह पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना गया। इसके बाद कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने अंदाजा लगाया कि देशभर में बीजेपी की ताकत अब धीरे-धीरे कम हो सकती है।
लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने इस सोच को गलत साबित कर दिया। हाल ही में आए एक विश्लेषण के मुताबिक, 2024 के बाद हुए 11 विधानसभा चुनावों में से 8 राज्यों में बीजेपी या उसके गठबंधन NDA ने अपने सीट शेयर में सुधार किया है। सिर्फ 3 राज्य झारखंड, दिल्ली और केरल ऐसे रहे जहां पार्टी का प्रदर्शन पहले से कमजोर रहा।
कई राज्यों में बीजेपी ने की जोरदार वापसी
रिपोर्ट बताती है कि बीजेपी ने खासकर उन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन किया, जहां लोकसभा चुनाव में उसे कड़ी टक्कर मिली थी या हार का सामना करना पड़ा था। इनमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्य शामिल हैं।
विश्लेषण के अनुसार, जिन राज्यों में बीजेपी पहले से सत्ता में थी, वहां उसे इसका फायदा मिला। सरकार की योजनाओं और सीधे लोगों के खाते में पैसे भेजने (कैश ट्रांसफर) जैसी नीतियों से पार्टी ने जनता का भरोसा बढ़ाया।पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन किया, जहां सरकार के खिलाफ नाराजगी का असर देखने को मिला।

BJP State Elections: विपक्ष के लिए बढ़ती चुनौती
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल आर्थिक सहायता या लोकलुभावन योजनाएं किसी भी गैर-भाजपा सरकार के लिए सत्ता में टिके रहने की पक्की गारंटी नहीं होतीं। कई राज्यों में विपक्षी सरकारों ने जनता को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े वादे किए और विभिन्न लाभकारी योजनाएं लागू कीं, लेकिन इसके बावजूद जनता में बढ़ती नाराजगी का सीधा फायदा भाजपा को मिला। तमिलनाडु में डीएमके, पश्चिम बंगाल में टीएमसी और केरल में सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने भी अनेक लोकलुभावन वादे किए, फिर भी वे दोबारा सत्ता में वापसी नहीं कर सके।
सीट शेयर के आंकड़ों से क्या समझ आता है?
रिपोर्ट में बीजेपी और उसके सहयोगियों के सीट शेयर का एक तुलनात्मक आंकड़ा भी दिया गया है। इसमें विधानसभा चुनावों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि अगर यही ट्रेंड लोकसभा चुनाव में भी लागू हो जाए, तो बीजेपी और NDA की स्थिति कैसी रहेगी।
नीचे कुछ प्रमुख राज्यों के आंकड़े दिए गए हैं:
| राज्य | विधानसभा सीट शेयर | लोकसभा सीट शेयर |
|---|---|---|
| पुडुचेरी | 100% | 0% |
| महाराष्ट्र | 97.9% | 35.42% |
| बिहार | 95% | 75% |
| असम | 78.6% | 78.57% |
| दिल्ली | 71.4% | 100% |
| पश्चिम बंगाल | 69% | 28.57% |
| हरियाणा | 60% | 50% |
| जम्मू-कश्मीर | 40% | 40% |
| झारखंड | 28.6% | 64.29% |
| तमिलनाडु | 15.4% | 0% |
| केरल | 0% | 5% |
सिर्फ योजनाएं नहीं, रणनीति भी जरूरी
कुल मिलाकर, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी के कमजोर होने की जो धारणा बनी थी, वह सही नहीं निकली। इसके उलट, कई राज्यों में पार्टी ने अपनी स्थिति और मजबूत की है।
यह रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि राजनीति में सिर्फ लोकलुभावन योजनाएं ही जीत की गारंटी नहीं होतीं। मजबूत संगठन, सही रणनीति और जनता का भरोसा ये सभी मिलकर चुनावी सफलता तय करते हैं।
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