Bobby Deol On Dharmendra: मुंबई में आयोजित एक भव्य अवॉर्ड समारोह उस वक्त भावुक हो उठा, जब दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को लेने उनके बेटे बॉबी देओल मंच पर पहुंचे, जहां उनका दर्द और भावनाएं साफ नजर आईं।
स्टेज पर छलक पड़े आंसू
अवॉर्ड लेते समय बॉबी देओल खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह इस मंच पर खड़े होंगे। दर्शकों की ओर देखते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें हर किसी की आंखों में अपने पिता के लिए प्यार दिखाई देता है।उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि धर्मेंद्र ने हमेशा लोगों को खुश रहने की सीख दी और उनका मानना था कि हर इंसान के अंदर एक खास प्रतिभा होती है, जिस पर भरोसा करके कोई भी आगे बढ़ सकता है।
Bobby Deol On Dharmendra: संघर्ष और सफलता की कहानी
धर्मेंद्र के फिल्मी सफर को याद करते हुए बॉबी ने कहा कि उनके पिता ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन कभी हार नहीं मानी। यही जज्बा उन्हें एक महान अभिनेता बनाता है।उन्होंने कहा कि आज उन्हें जो भी प्यार मिलता है, वह उनके पिता की मेहनत और लोगों के दिलों में बनाई गई जगह की वजह से है।
Bobby Deol On Dharmendra: घर जाकर पापा से कहूंगा…
अपने भाषण के दौरान बॉबी देओल ने सबसे भावुक पल तब दिया, जब उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि वह घर जाकर अपने पिता से कहेंगे, “पापा, आप यहां नहीं आ सके, इसलिए मैं आपका अवॉर्ड अपने साथ ले आया हूं।इस बात ने पूरे हॉल को भावुक कर दिया और माहौल कुछ देर के लिए शांत हो गया।
दिग्गजों ने किया सम्मानित
इस सम्मान को जावेद अख्तर, रमेश सिप्पी और देवेंद्र फडणवीस ने मंच पर प्रदान किया। समारोह के दौरान धर्मेंद्र के करियर के यादगार पलों का एक विशेष मोंटाज भी दिखाया गया, जिसमें अमिताभ बच्चन की आवाज ने माहौल को और भावुक बना दिया।
Bobby Deol On Dharmendra: पिछले साल हुआ था निधन
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन पिछले साल 24 नवंबर को मुंबई में हुआ था। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से छुट्टी मिलने के बाद वह घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। बाद में उनका निधन हो गया और 25 नवंबर को उनका अंतिम संस्कार किया गया। यह समारोह सिर्फ एक सम्मान नहीं था, बल्कि एक बेटे की अपने पिता के प्रति भावनात्मक श्रद्धांजलि बन गया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
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