
मधुमेह में फल खाने से बढ़ती है शुगर? जानें कौन से फल हैं फायदेमंद
Diabetes Fruits Guide: देश में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लगभग हर परिवार

Diabetes Fruits Guide: देश में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लगभग हर परिवार

तुलसी-अदरक ड्रिंक शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाती है, पाचन सुधारती है और चेहरे को नेचुरल ग्लो देती है। रोज़ाना सेवन से तन-मन दोनों स्वस्थ और फिट रहते हैं।

भारत में स्वास्थ्य सेवा सुधार से बेहतर इलाज और डॉक्टरों की कमी दूर हुई। ई-संजीवनी सेवा से करोड़ों लोगों को सलाह और इलाज मिला। टीबी के गंभीर मामले कम हुए। स्वास्थ्य प्रणाली अब कैंसर, आयुर्वेद और वन हेल्थ प्रोग्राम तक फैली है। नई तकनीक से सेवाएं सस्ती और आसान हुईं।

Heel Repairs: अक्सर लोग अपनी स्किन केयर रूटीन में चेहरे और हाथों को तो प्राथमिकता देते हैं, लेकिन पैरों की अनदेखी कर दी जाती है।

गुनगुना पानी सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित रखने और कफ कम करने में भी मदद करता है। आयुर्वेद के अनुसार इसे सही समय और मात्रा में पीना सबसे लाभकारी होता है। जानें कब पीना सही है और कब बचना चाहिए।

Health Tips: अक्सर घरों में खर्राटों को गहरी और ‘घोड़े बेचकर सोने’ वाली नींद का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

पूर्वोत्तर एशिया का देश मंगोलिया वर्तमान में खसरे के संकट का सामना कर रहा है। देश के नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीसीडी) ने सोमवार को बताया कि कुल मामलों की संख्या बढ़कर 14,123 हो गई है। खसरे के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 10-14 दिन बाद दिखाई देते हैं। प्रारंभिक लक्षण आमतौर पर 4-7 दिनों तक रहते हैं, जिनमें नाक बहना, खांसी, लाल व पानी वाली आंखें और गालों के अंदर छोटे सफेद धब्बे शामिल हैं।

प्रसव के बाद हार्मोन में बदलाव, पोषक तत्वों की कमी और नींद न पूरी होने से बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। सही आहार, आराम और देखभाल से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

सोंठ अदरक का सूखा रूप है और आयुर्वेद में इसका उपयोग पाचन, दर्द और श्वसन संबंधी समस्याओं में किया जाता है। इसके लाभों के साथ सावधानियां जानना भी आवश्यक है।

प्रसव के बाद का समय मां और शिशु दोनों के लिए बेहद संवेदनशील होता है। इस दौरान मां का शरीर कमजोर रहता है और उसे विशेष देखभाल, संतुलित भोजन, पर्याप्त आराम और परिवार के सहयोग की आवश्यकता होती है। सही देखभाल से मां जल्दी स्वस्थ होती है और शिशु का विकास भी बेहतर होता है।

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गुनगुना पानी सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित रखने और कफ कम करने में भी मदद करता है। आयुर्वेद के अनुसार इसे सही समय और मात्रा में पीना सबसे लाभकारी होता है। जानें कब पीना सही है और कब बचना चाहिए।

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सोंठ अदरक का सूखा रूप है और आयुर्वेद में इसका उपयोग पाचन, दर्द और श्वसन संबंधी समस्याओं में किया जाता है। इसके लाभों के साथ सावधानियां जानना भी आवश्यक है।

प्रसव के बाद का समय मां और शिशु दोनों के लिए बेहद संवेदनशील होता है। इस दौरान मां का शरीर कमजोर रहता है और उसे विशेष देखभाल, संतुलित भोजन, पर्याप्त आराम और परिवार के सहयोग की आवश्यकता होती है। सही देखभाल से मां जल्दी स्वस्थ होती है और शिशु का विकास भी बेहतर होता है।