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स्वास्थ्य

बकायन हैं हजार गुणों से भरपूर, शरीर को भीतर से करता है साफ

बकायन (महानिम्ब) एक औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग हमारी पूर्वज पीढ़ियों से किया जा रहा है। आमतौर पर गांवों में आसानी से मिल जाने वाला यह पेड़ देखने में साधारण लगता है, लेकिन इसके अंदर अनेक औषधीय गुण छिपे हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी बकायन बहुत लाभकारी माना गया है। भारी माहवारी, श्वेत प्रदर और कुछ गर्भाशय संबंधी समस्याओं में इसे अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है।

महंगे कॉस्मेटिक छोड़िए, लीवर और रंजन पित्त ठीक होंगे तो खुद निखरेगा चेहरा: आयुर्वेद की राय

जब चेहरे की खूबसूरती की बात होती है, तो ज्यादातर लोग महंगे कॉस्मेटिक क्रीम और पार्लर ट्रीटमेंट पर भरोसा करते हैं। लेकिन आयुर्वेद की सोच इससे अलग है। हमारे आयुर्वेद के अनुसार रंजन पित्त को संतुलित करने के लिए सही आहार और शांत मन बहुत जरूरी है। आंवला, अनार, चुकंदर और नारियल पानी खून को साफ करने में मदद करते हैं और भूमि आंवला जैसी जड़ी बूटियां लीवर को मजबूत बनाती है।

खांसी क्यों बढ़ जाती है सर्दियों में?

सर्दियों में बढ़ती खांसी क्यों बनती है खतरा? आयुर्वेद से पाएं सुरक्षित राहत

सर्दियों में खांसी एक आम समस्या है, लेकिन लंबे समय तक बनी रहने पर यह सांस की सेहत को प्रभावित कर सकती है। गले में जलन, बलगम और छाती में बेचैनी जैसे लक्षणों को पहचानकर समय पर आयुर्वेदिक उपाय अपनाने से खांसी में राहत मिलती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर बनी रहती है।

शलगम खाना सर्दियों में होता है गडकरी, कैलोरी कम पर पोषण है भरपूर

सर्दियों के मौसम में बाजार हरी- भरी सब्जियों से भरा हुआ है। सभी सब्जियों को बहुत ही पसंद किया जाता है। परन्तु इन सभी लोकप्रिय सब्जियों के बीच एक सब्जी ऐसी है जो हमेशा नज़रंदाज़ कर दी जाती है। अक्सर लोग सिर्फ इसकी जड़ें खाना पसंद करते है परन्तु अगर देखा जाय तो इसकी जड़ों में अधिक पोशाक तत्व मौजूद होते हैं। इसकी पत्तियों में विटामिन ए की मौजूदगी होती है जो कि शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है।

Banana peels benefits:

पोषक तत्वों से भरपूर केले का छिलका, सेहत के लिए वरदान से नहीं है कम

अक्सर बेकार समझकर फेंका जाने वाला केले का छिलका पोषक तत्वों से भरपूर होता है। शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण इम्यूनिटी बढ़ाने, संक्रमण से बचाव और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। सीमित मात्रा में इसका सही उपयोग सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

जीवनशैली में बदलाव से बढ़ता है मधुमेह का संकट

तेज़ी से बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और अस्वस्थ खान-पान की आदतों के कारण भारत में मधुमेह (डायबिटीज) एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों का एक बड़ा वर्ग अपनी बीमारी से अनजान रहता है, विशेष रूप से संसाधन-गरीब क्षेत्रों में।

गर्भावस्था में सही खानपान क्यों है ज़रूरी?

Pregnancy diet: गर्भावस्था में सावधान! ये चीजें माँ और बच्चे की सेहत के लिए हैं खतरनाक

यह लेख गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सुरक्षित और हानिकारक आहार के बारे में जानकारी देता है। इसमें बताया गया है कि कौन-कौन सी चीज़ें माँ और बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं और किस प्रकार संतुलित भोजन और सावधानियों से स्वस्थ गर्भकाल सुनिश्चित किया जा सकता है।

Fiber lene ke fayde:

यह है सेहत को अंदर से मजबूत बनाने वाला साइलेंस हीरो डाइट में करे शामिल

विटामिन और प्रोटीन के बीच अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला फाइबर सेहत का असली साइलेंस हीरो है। पाचन दुरुस्त रखने से लेकर दिल की सेहत, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल संतुलन तक फाइबर अहम भूमिका निभाता है। फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से मिलने वाला फाइबर शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है।

Ghee khane ke fayde:

आयुर्वेद का ‘अमृत’ घी: हड्डियां मजबूत करे, तनाव घटाए और चेहरे पर लाए प्राकृतिक निखार

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, देसी घी का सेवन सही समय और संतुलित मात्रा में किया जाए तो यह सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी या दूध में एक चम्मच घी पीने से पाचन सुधरता है, जबकि रात को दूध के साथ घी लेने से तनाव कम होता है और अच्छी नींद आती है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, रोजाना 1–2 चम्मच घी पर्याप्त है, क्योंकि अधिक मात्रा से कफ बढ़ सकता है। आयुर्वेद में देसी गाय के घी को सबसे उत्तम माना गया है।

बुल्गारिया में इन्फ्लूएंजा वायरस का तेज़ी से फैलाव

बुल्गारिया में इन्फ्लूएंजा संक्रमण तेजी से फैल रहा है, नए नियम लागू

बुल्गारिया के कई जिलों में इन्फ्लूएंजा वायरस तेजी से फैल रहा है। सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए स्कूल बंद, अस्पताल में रोक और विशेष उपाय लागू किए हैं। खांसने और छींकने से फैलने वाले इस वायरस से बचाव का मुख्य तरीका टीकाकरण और सावधानी है। विशेषज्ञ अधिक तरल पदार्थ पीने और संक्रमित लोगों से दूरी बनाने की सलाह दे रहे हैं।

बकायन हैं हजार गुणों से भरपूर, शरीर को भीतर से करता है साफ

बकायन (महानिम्ब) एक औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग हमारी पूर्वज पीढ़ियों से किया जा रहा है। आमतौर पर गांवों में आसानी से मिल जाने वाला यह पेड़ देखने में साधारण लगता है, लेकिन इसके अंदर अनेक औषधीय गुण छिपे हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी बकायन बहुत लाभकारी माना गया है। भारी माहवारी, श्वेत प्रदर और कुछ गर्भाशय संबंधी समस्याओं में इसे अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है।

महंगे कॉस्मेटिक छोड़िए, लीवर और रंजन पित्त ठीक होंगे तो खुद निखरेगा चेहरा: आयुर्वेद की राय

जब चेहरे की खूबसूरती की बात होती है, तो ज्यादातर लोग महंगे कॉस्मेटिक क्रीम और पार्लर ट्रीटमेंट पर भरोसा करते हैं। लेकिन आयुर्वेद की सोच इससे अलग है। हमारे आयुर्वेद के अनुसार रंजन पित्त को संतुलित करने के लिए सही आहार और शांत मन बहुत जरूरी है। आंवला, अनार, चुकंदर और नारियल पानी खून को साफ करने में मदद करते हैं और भूमि आंवला जैसी जड़ी बूटियां लीवर को मजबूत बनाती है।

खांसी क्यों बढ़ जाती है सर्दियों में?

सर्दियों में बढ़ती खांसी क्यों बनती है खतरा? आयुर्वेद से पाएं सुरक्षित राहत

सर्दियों में खांसी एक आम समस्या है, लेकिन लंबे समय तक बनी रहने पर यह सांस की सेहत को प्रभावित कर सकती है। गले में जलन, बलगम और छाती में बेचैनी जैसे लक्षणों को पहचानकर समय पर आयुर्वेदिक उपाय अपनाने से खांसी में राहत मिलती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर बनी रहती है।

शलगम खाना सर्दियों में होता है गडकरी, कैलोरी कम पर पोषण है भरपूर

सर्दियों के मौसम में बाजार हरी- भरी सब्जियों से भरा हुआ है। सभी सब्जियों को बहुत ही पसंद किया जाता है। परन्तु इन सभी लोकप्रिय सब्जियों के बीच एक सब्जी ऐसी है जो हमेशा नज़रंदाज़ कर दी जाती है। अक्सर लोग सिर्फ इसकी जड़ें खाना पसंद करते है परन्तु अगर देखा जाय तो इसकी जड़ों में अधिक पोशाक तत्व मौजूद होते हैं। इसकी पत्तियों में विटामिन ए की मौजूदगी होती है जो कि शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है।

Banana peels benefits:

पोषक तत्वों से भरपूर केले का छिलका, सेहत के लिए वरदान से नहीं है कम

अक्सर बेकार समझकर फेंका जाने वाला केले का छिलका पोषक तत्वों से भरपूर होता है। शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण इम्यूनिटी बढ़ाने, संक्रमण से बचाव और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। सीमित मात्रा में इसका सही उपयोग सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

जीवनशैली में बदलाव से बढ़ता है मधुमेह का संकट

तेज़ी से बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और अस्वस्थ खान-पान की आदतों के कारण भारत में मधुमेह (डायबिटीज) एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों का एक बड़ा वर्ग अपनी बीमारी से अनजान रहता है, विशेष रूप से संसाधन-गरीब क्षेत्रों में।

गर्भावस्था में सही खानपान क्यों है ज़रूरी?

Pregnancy diet: गर्भावस्था में सावधान! ये चीजें माँ और बच्चे की सेहत के लिए हैं खतरनाक

यह लेख गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सुरक्षित और हानिकारक आहार के बारे में जानकारी देता है। इसमें बताया गया है कि कौन-कौन सी चीज़ें माँ और बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं और किस प्रकार संतुलित भोजन और सावधानियों से स्वस्थ गर्भकाल सुनिश्चित किया जा सकता है।

Fiber lene ke fayde:

यह है सेहत को अंदर से मजबूत बनाने वाला साइलेंस हीरो डाइट में करे शामिल

विटामिन और प्रोटीन के बीच अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला फाइबर सेहत का असली साइलेंस हीरो है। पाचन दुरुस्त रखने से लेकर दिल की सेहत, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल संतुलन तक फाइबर अहम भूमिका निभाता है। फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से मिलने वाला फाइबर शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है।

Ghee khane ke fayde:

आयुर्वेद का ‘अमृत’ घी: हड्डियां मजबूत करे, तनाव घटाए और चेहरे पर लाए प्राकृतिक निखार

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, देसी घी का सेवन सही समय और संतुलित मात्रा में किया जाए तो यह सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी या दूध में एक चम्मच घी पीने से पाचन सुधरता है, जबकि रात को दूध के साथ घी लेने से तनाव कम होता है और अच्छी नींद आती है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, रोजाना 1–2 चम्मच घी पर्याप्त है, क्योंकि अधिक मात्रा से कफ बढ़ सकता है। आयुर्वेद में देसी गाय के घी को सबसे उत्तम माना गया है।

बुल्गारिया में इन्फ्लूएंजा वायरस का तेज़ी से फैलाव

बुल्गारिया में इन्फ्लूएंजा संक्रमण तेजी से फैल रहा है, नए नियम लागू

बुल्गारिया के कई जिलों में इन्फ्लूएंजा वायरस तेजी से फैल रहा है। सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए स्कूल बंद, अस्पताल में रोक और विशेष उपाय लागू किए हैं। खांसने और छींकने से फैलने वाले इस वायरस से बचाव का मुख्य तरीका टीकाकरण और सावधानी है। विशेषज्ञ अधिक तरल पदार्थ पीने और संक्रमित लोगों से दूरी बनाने की सलाह दे रहे हैं।