Census 2027: उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य के मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने दूरदृश्य वार्ता के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े सभी प्रारंभिक कार्य 10 अप्रैल तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। बैठक में भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
व्यापक स्तर पर नियुक्ति और प्रशिक्षण की तैयारी
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में लगभग साढ़े पाँच लाख गणनाकारों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए उनका सत्यापित और अद्यतन अभिलेख निर्धारित समय सीमा में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, 16 अप्रैल से 7 मई के मध्य सभी कर्मियों को अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक कक्ष, उपकरण, जलपान और उपस्थिति की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
Census 2027: सटीक गणना के लिए विशेष ध्यान
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घनी शहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों और अधिक आवागमन वाले इलाकों में विशेष ध्यान देकर सटीक गणना सुनिश्चित की जाए। गणना खंडों का सीमांकन स्पष्ट और त्रुटिरहित हो, इसके लिए भू-चिह्नांकन कार्य को सुदृढ़ करने तथा तकनीकी सहायकों की नियुक्ति शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया है। इससे जनगणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
डिजिटल जनगणना और स्व-गणना की सुविधा
इस बार जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिसमें आंकड़ा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी प्रक्रियाएं तकनीकी प्रणाली के माध्यम से संचालित होंगी। आम नागरिकों के लिए 7 मई से 21 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसके माध्यम से लोग स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना पूर्ण की जाएगी। अधिकारियों ने इसे जनभागीदारी से जोड़कर सफल बनाने पर बल दिया है, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।
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