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चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले, भक्तों में उमड़ा आस्था का सैलाब

चारधाम यात्रा 2026
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Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड में आज से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है। इस पवित्र यात्रा की शुरुआत गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हो रही है।सुबह 8 बजे उत्तरकाशी जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल खरसाली से मां यमुना की उत्सव डोली को रवाना किया गया। इस डोली का नेतृत्व समेश्वर देवता कर रहे हैं और इसे यमुनोत्री धाम की ओर भेजा गया। इस दौरान गांव के लोग भावुक हो गए और नम आंखों से अपनी आराध्य देवी को “जयकारों” के साथ विदा किया।

गंगोत्री धाम में कपाट खुलने की तैयारी

गंगोत्री धाम की डोली एक दिन पहले ही अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मुखबा से निकल चुकी थी। यह डोली आज सुबह 9 बजे गंगोत्री धाम पहुंच गई है। यहां फिलहाल हवन और पूजा-अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। यहां पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से कराई जाएगी।

चारधाम यात्रा 2026
चारधाम यात्रा 2026

यमुनोत्री धाम के कपाट 12:35 बजे खुलेंगे

यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। मां यमुना की डोली अपने पारंपरिक पैदल मार्ग से धाम पहुंचेगी। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कपाट खोल दिए जाएंगे।प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।

Chardham Yatra 2026: कपाट खुलने की प्रक्रिया कैसे होती है

जैसे ही मां गंगा की डोली मंदिर परिसर में पहुंचती है, मंदिर के मुख्य द्वार की सील हटाई जाती है। इसके बाद मंदिर समिति, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।हवन किया जाता है, फिर मां गंगा को भोग अर्पित किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं और दर्शन शुरू हो जाते हैं।

मुखबा से शुरू हुई थी डोली यात्रा

उत्तरकाशी के मुखबा गांव में मां गंगा की शीतकालीन गद्दी स्थित है। 18 अप्रैल को यहीं से डोली यात्रा शुरू हुई थी, जो आज गंगोत्री धाम पहुंची है। मुखबा से गंगोत्री धाम की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है।ग्रामीणों ने भावुक होकर मां गंगा को छह महीने के प्रवास के लिए विदा किया। इस दौरान परंपरा के अनुसार मां को फाफरे का भोग लगाया गया और “कल्यो” अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।डोली मुखबा से जांगला होते हुए कठिन रास्तों से भैरव घाटी पहुंची, जहां रात का विश्राम किया गया था।

Chardham Yatra 2026:  चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा 2026

Chardham Yatra 2026: यमुनोत्री में भी परंपरा के साथ कपाट खुलेंगे

यमुनोत्री धाम में अक्षय तृतीया के दिन कपाट खोलने की परंपरा निभाई जाती है। मंदिर समिति के अनुसार तय समय पर कपाट खोले जाएंगे।सुबह 8 बजे खरसाली से समेश्वर देवता की अगुवाई में डोली रवाना हुई। इस दौरान शंखनाद, ढोल-नगाड़े और पुलिस बैंड की धुनों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

खरसाली गांव में डोली के प्रस्थान के समय पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। गांव की महिलाएं मां यमुना को विदा करती हैं और पूरे क्षेत्र की सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर बार पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है।

केदारनाथ धाम की डोली यात्रा शुरू

बाबा केदारनाथ के दर्शन का इंतजार भी खत्म होने वाला है। रुद्रप्रयाग जिले के ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ (शीतकालीन गद्दी स्थल) से बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली आज कैलाश यानी केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो रही है।डोली “बम-बम भोले” के जयकारों के बीच अपने पहले रात्रि पड़ाव के लिए निकलेगी और आज शाम फाटा में विश्राम करेगी।

इसके बाद यह यात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए पैदल मार्ग से आगे बढ़ेगी और 21 अप्रैल की शाम तक केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 22 अप्रैल की सुबह शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे।

2025 में चारधाम यात्रा के आंकड़े

पिछले साल 2025 में चारधाम यात्रा में कुल 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए थे। हालांकि शुरुआत में मौसम और अन्य कारणों से संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया था।

2026 में पहले से ही बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन

इस साल 2026 में यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। आंकड़ों के अनुसार

  • गंगोत्री के लिए 3 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन
  • यमुनोत्री के लिए 3.7 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन

केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट कब खुलेंगे

चारधाम यात्रा के बाकी दो प्रमुख धामों के कपाट भी तय तिथियों पर खुलेंगे

  • केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026
  • बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026

इन दोनों धामों के खुलते ही यात्रा पूरी तरह से गति पकड़ लेगी और श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगेगी।

चारधाम यात्रा 2026
चारधाम यात्रा 2026

22 अप्रैल से केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा

केदारनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवा 22 अप्रैल से शुरू की जा रही है। इस सेवा के तहत रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से कुल 8 हेली कंपनियां उड़ान भरेंगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों की संख्या सीमित रखी गई है, जिसमें गुप्तकाशी और फाटा से 24 शटल उड़ानें तथा सिरसी से 32 शटल उड़ानें संचालित होंगी। पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी सोनप्रयाग और केदारनाथ से लगातार निगरानी करेंगे।

यात्रियों के लिए नई सुविधाएं

इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। केदारनाथ और लिनचोली में 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जो बायोमास पैलेट्स यानी चीड़ की पत्तियों और खच्चर की लीद से बने ईंधन पर चलने वाले गीजरों के माध्यम से दिया जाएगा। वहीं, हेली नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने स्पष्ट किया है कि जो भी कंपनियां तय नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा के शुरू होने के साथ ही पूरे उत्तराखंड में भक्तिमय माहौल बन गया है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने की उम्मीद है।

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