CJI Suryakant: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि उन्होंने INDIA ब्लॉक के सांसदों को मुलाकात नहीं कर पाने की वजह बता दी है। उन्हें रविवार को विपक्ष की ओर से पत्र मिला था, जिसका जवाब उन्होंने उसी रात दे दिया था। जवाब में उन्होंने मुलाकात से इनकार करने के कारण स्पष्ट किए। CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि याचिका दायर कर सकता है। अदालत उनकी समस्याएं सुनेगी और कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई करेगी।
CJI Suryakant: राहुल गांधी और खड़गे ने मांगा था मिलने का समय
दरअसल, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच CJI से मुलाकात का समय मांगा था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, CJI ने मुलाकात से इनकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने विपक्ष को बताया कि वह अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकता है।
CJI ने मुलाकात नहीं करने की बताईं 4 वजहें
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने विपक्ष को मुलाकात नहीं करने के पीछे चार प्रमुख कारण बताए। पहली वजह यह थी कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। दूसरी वजह यह थी कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत अदालत प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की शिकायतों पर सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती। इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनानी जरूरी है।

तीसरी वजह बताते हुए CJI ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक समीक्षा का अधिकार है। यदि विपक्ष सोमवार को इन मुद्दों पर याचिका दायर करता है, तो उसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। उस दिन इनसे जुड़े कुछ मामले पहले से ही सुनवाई के लिए निर्धारित हैं। चौथी वजह के रूप में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी नागरिक अपनी शिकायत या अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामले में अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।
CJI Suryakant: CJI के इनकार के बाद विपक्ष निकालेगा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
CJI की ओर से मुलाकात का समय नहीं दिए जाने के बावजूद विपक्षी दलों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने इस मार्च को ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मार्च में युवा, विपक्षी दलों के नेता, नागरिक संगठन और लोकतंत्र व संविधान में विश्वास रखने वाले लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह मार्च पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर भारतीय नागरिकों के रूप में निकाला जाएगा।
शुक्रवार को राष्ट्रपति को सौंपा था ज्ञापन
इससे पहले शुक्रवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे देश में अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं।खड़गे ने शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस तैनाती और लोगों को हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं के आंदोलन से डर रही है। खड़गे ने कहा कि विपक्ष CJI से मुलाकात का अनुरोध कर सकता है, लेकिन उन पर मिलने के लिए दबाव नहीं डाल सकता।









