Cyber Fraud: बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि दूसरों की मदद करनी चाहिए। लेकिन कभी-कभी, मदद करना भी खुद के लिए परेशानी बन सकता है। ऐसा ही हुआ बेंगलुरु के एक इंजीनियरिंग छात्र के साथ। उसे लगा कि वह अपने दोस्त की मदद कर रहा है, लेकिन अब वह 7 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले में कानूनी जंजाल में फंस गया है।
दोस्त ने फंसाया साइबर फ्रॉड में
पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु के एक नामी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्र की दोस्ती करीब एक साल पहले आयुष नाम के शख्स से हुई थी। नवंबर 2025 में आयुष ने छात्र से कहा कि उसका बैंक खाता ब्लॉक हो गया है क्योंकि बैलेंस कम है और क्या वह अस्थायी तौर पर उसका खाता इस्तेमाल कर सकता है। भरोसा करके छात्र ने हां कह दी और अपने बैंक अकाउंट की पूरी डिटेल्स नेट बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड और एटीएम से जुड़ा एयरटेल सिम आयुष को भेज दी।
Cyber Fraud: 7 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी का खुलासा
कुछ महीनों बाद छात्र के बैंक ने उसे बताया कि उसके अकाउंट से बड़े संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। जांच में पता चला कि लगभग 7 करोड़ रुपये उसके अकाउंट से ट्रांसफर किए गए थे।
तुरंत लिया एक्शन
Cyber Fraud: जब छात्र को इसका पता चला, उसने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया और उत्तरी डिवीजन साइबर पुलिस स्टेशन में आयुष और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। इस घटना से यह सीख मिलती है कि कभी भी किसी पर अंधा भरोसा नहीं करना चाहिए और अपनी बैंक डिटेल्स साझा करने में बेहद सतर्क रहना चाहिए।
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