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सिनेमाघरों में रिलीज हुई धमाल 4, खजाना ढूंढने का एक बड़ा, जोरदार और बेहद मजेदार खेल, जो परिवार को खूब हंसाएगा!

Dhamaal 4 Review

Dhamaal 4 Review: सालों से, ‘धमाल’ फ्रैंचाइजी ने बॉलीवुड में अपनी एक खास और मज़बूत जगह बनाई है, जो पूरी तरह से बेफिक्र और दिमाग को घर पर रखकर देखने वाली कॉमेडी पर टिकी है। डायरेक्टर इंद्र कुमार अपनी इस जानी-पहचानी शैली में लौट रहे हैं और चौथी फिल्म के साथ एडवेंचर को और बड़ा बना रहे हैं। इस बार, सारी हलचल मशहूर शैतान सिंह के 100 साल पुराने छिपे हुए खजाने के इर्द-गिर्द घूमती है।

'धमाल 4' (फिल्म समीक्षा): एक बड़ा, जोरदार और बेहद मजेदार खजाना ढूंढने का खेल, जो पूरे परिवार को खूब हंसाएगा!

भाग-दौड़ वाले मजेदार हालात

खजाने की जगह का राज पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) की कमजोर याददाश्त में छिपा है। जब यह राज खुलता है, तो एक रहस्यमयी द्वीप तक पहुंचने के लिए जबरदस्त और तेज दौड़ शुरू हो जाती है, जिस पर एक बड़ा सा एम बना होता है। हर किरदार खजाने तक सबसे पहले पहुंचने के लिए दूसरे को मात देने की कोशिश करता है, जिससे ढेर सारा कन्फ्यूजन, गलत सुराग और भाग-दौड़ वाले मजेदार हालात बनते हैं।

Dhamaal 4 Review: सिचुएशनल कॉमेडी: जबरदस्त हलचल

‘धमाल 4’ को मजेदार बनाने के पीछे सिचुएशनल कॉमेडी मुख्य आधार के तौर पर काम करती है। फिल्म अजीबोगरीब, लालची और मजेदार ढंग से बदकिस्मत लोगों के एक बड़े ग्रुप को अजीब हालात में डालती है – जैसे जंगल की मुसीबतें या अचानक समुद्री लुटेरों से सामना। स्क्रिप्ट आपसे तर्क नहीं मांगती, बल्कि यह आपको हालात के बेतुकेपन का मजा लेने के लिए कहती है। फिल्म का पहला हाफ बहुत तेज रफ्तार वाला है और इसमें पुरानी फिल्मों की मजेदार झलकियां हैं जो फ्रेंचाइजी से परिचित फैंस को हंसाती रहेंगी।

'धमाल 4' (फिल्म समीक्षा): एक बड़ा, जोरदार और बेहद मजेदार खजाना ढूंढने का खेल, जो पूरे परिवार को खूब हंसाएगा!

कलाकारों की परफॉर्मेंस: हंसी का जबरदस्त तड़का

फिल्म की असली ताकत इसके शानदार कलाकारों की टीम है, जिसमें अजय देवगन पूरे स्वैग के साथ लीड रोल में हैं और उनके साथ संजय मिश्रा हैं, जिनकी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग जोरदार हंसी वाले पल बनाती है। फ्रैंचाइजी की जान, अरशद वारसी और जावेद जाफरी अपनी शानदार केमिस्ट्री के साथ लौटते हैं और संजीदा शेख भी उनके साथ बखूबी जुड़ती हैं, जो उनकी इस उथल-पुथल भरी केमिस्ट्री में चार चांद लगाती हैं। रितेश देशमुख देसी अंदाज में बहुत मजेदार परफॉर्मेंस देते हैं और उनके साथ अंजलि आनंद हैं, जो उनकी पत्नी पारो का रोल मजेदार घरेलू अंदाज में निभाती हैं। अनोखे समुद्री लुटेरे लीडर ‘अधूरा’ के रोल में रवि किशन आसानी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचते हैं और कॉमेडी की एक नई लहर लाते हैं। आखिर में, उपेंद्र लिमये अपनी जबरदस्त एनर्जी वाली परफॉर्मेंस से कहानी को आगे बढ़ाने वाले मुख्य किरदार के तौर पर शानदार रहे हैं, जबकि ईशा गुप्ता स्क्रीन पर एक अलग ही आकर्षण और अंदाज लेकर आती हैं।

'धमाल 4' (फिल्म समीक्षा): एक बड़ा, जोरदार और बेहद मजेदार खजाना ढूंढने का खेल, जो पूरे परिवार को खूब हंसाएगा!

Dhamaal 4 Review: डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक

इंद्र कुमार एक बार फिर साबित करते हैं कि वे जबरदस्त एनर्जी वाली सिचुएशनल कॉमेडी बनाने में माहिर हैं। दिलचस्प स्क्रीनप्ले दर्शकों को लगातार तेजी से आने वाले मजाकिया जोक्स और जंगल व आइलैंड पर सर्वाइवल के मजेदार सीन से बांधे रखता है। टेक्निकल पक्ष की बात करें तो, बड़े पैमाने पर बनी यह फिल्म बड़े पर्दे पर शानदार लगती है, जिससे यह एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव बन जाती है। म्यूजिक इस एनर्जेटिक कहानी में एकदम सही बैठता है। ‘चटनी‘ और ‘कहर’ जैसे गाने पूरे समय माहौल को हल्का-फुल्का और जश्न वाला बनाए रखते हैं।

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