Home » News » CAA से किसान आंदोलन तक… 12 साल में पहली बार झुकी मोदी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

CAA से किसान आंदोलन तक… 12 साल में पहली बार झुकी मोदी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

CAA से किसान आंदोलन तक... 12 साल में पहली बार झुकी मोदी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

Dharmendra Pradhan Resigns:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को मौजूदा सरकार के सबसे बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है। पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। लगातार बढ़ते दबाव और राजनीतिक हलचल के बीच आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

एक महीने तक जंतर-मंतर पर चला प्रदर्शन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से लगातार प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।आंदोलन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और अंततः सरकार को बड़ा फैसला लेना पड़ा।

Dharmendra Pradhan Resigns: CAA आंदोलन में भी नहीं झुकी थी सरकार

इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देशभर में लंबे समय तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली के शाहीन बाग समेत कई राज्यों में महीनों तक आंदोलन चलता रहा, लेकिन केंद्र सरकार ने न तो कानून वापस लिया और न ही किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दिया।

Dharmendra Pradhan Resigns: किसान आंदोलन के दौरान भी नहीं हुआ मंत्री का इस्तीफा

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन भी देश के सबसे लंबे आंदोलनों में शामिल रहा। करीब एक साल तक किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहे। आखिरकार केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया, लेकिन उस दौरान भी किसी केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया था।

12 साल में पहली बार आंदोलन के बाद मंत्री ने छोड़ा पद

2014 में नरेंद्र मोदी के पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से कई बड़े राजनीतिक विवाद और जन आंदोलन हुए, लेकिन किसी केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन के दबाव में इस्तीफा नहीं दिया था। ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल का पहला ऐसा मामला माना जा रहा है, जब किसी केंद्रीय मंत्री ने विरोध प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ा है।सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार सोमवार को संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पेश कर सकती है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर पहले से अधिक कड़े प्रावधान लागू करना बताया जा रहा है।

Dharmendra Pradhan Resigns: पेपर लीक मामलों के लिए शुरू हुआ फास्ट ट्रैक कोर्ट

इस बीच सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार से कामकाज शुरू कर दिया है। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा ने राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में अदालत का कार्यभार संभाल लिया है।सूत्रों के मुताबिक, NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई भी इसी विशेष अदालत में स्थानांतरित की जा सकती है।

ये भी पढ़े……धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक, यह लोकतंत्र की जीत, Gen-Z को बधाई