E-Passport India: देशभर में बुधवार को पासपोर्ट सेवा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवाओं में हुए व्यापक सुधारों और नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया न केवल तेज हुई है, बल्कि देश के दूरदराज क्षेत्रों तक इसकी पहुंच भी बढ़ी है। वर्ष 2025 में लगभग डेढ़ करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें करीब एक करोड़ उनतालीस लाख पासपोर्ट जारी किए गए।
कम समय में मिल रहा पासपोर्ट
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। अब औसतन छह कार्य दिवसों के भीतर पासपोर्ट जारी किया जा रहा है, हालांकि इसमें पुलिस सत्यापन की अवधि शामिल नहीं होती। इसके अलावा पासपोर्ट सेवा केंद्रों और डाकघर आधारित पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर आवेदकों का कार्य औसतन पैंतालीस मिनट से भी कम समय में पूरा हो रहा है। इससे लोगों को लंबी प्रतीक्षा और अनावश्यक परेशानी से राहत मिली है।
E-Passport India: देशभर में बढ़ा सेवा केंद्रों का जाल
पासपोर्ट सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार ने पिछले वर्षों में बड़े स्तर पर नए केंद्र स्थापित किए हैं। वर्तमान में देशभर में कुल 545 पासपोर्ट केंद्र कार्यरत हैं, जबकि लगभग एक दशक पहले इनकी संख्या केवल 77 थी। पिछले वर्ष 10 नए केंद्र शुरू किए गए थे और चालू वर्ष में भी 10 अतिरिक्त केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी पासपोर्ट सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
विदेश यात्रा के अवसर हुए अधिक
भारतीय पासपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता में भी वृद्धि दर्ज की गई है। अब 27 देश भारतीय नागरिकों को बिना वीजा प्रवेश की सुविधा देते हैं। इसके अलावा 47 देशों में आगमन पर वीजा और 66 देशों में इलेक्ट्रॉनिक वीजा की सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने कई यूरोपीय देशों सहित अन्य राष्ट्रों के साथ ऐसे समझौते किए हैं, जिनसे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों को अधिक सुविधा मिल रही है।
E-Passport India: आधुनिक व्यवस्था की ओर बढ़ता भारत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पासपोर्ट सेवा दिवस पर देशवासियों और पासपोर्ट अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 जैसी पहलें आधुनिक और डिजिटल प्रशासन की पहचान हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों को सरल, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से सेवाओं को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाना है।
ये भी पढ़ें…पश्चिम रेलवे बढ़ाएगा ट्रेनों की रफ्तार, मुंबई-दिल्ली मार्ग पर तेज गति के लिए तैयारियां तेज








