Earthquake Explainer: तिब्बत में 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से 16 लोगों की मौत और 54 लोगों के घायल होने की खबर है। सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके बाद शुक्रवार सुबह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी भूकंप दर्ज किए गए। ऐसे में सवाल है कि क्या इन सभी भूकंपों का आपस में कोई संबंध है? एशिया के इस हिस्से में बार-बार धरती क्यों कांपती है? आइए, सवाल-जवाब में समझते हैं पूरा मामला।
तिब्बत में भूकंप से कितनी तबाही हुई?
गुरुवार देर रात तिब्बत में 7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और 54 लोग घायल हुए। कई मकान ढह गए और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, नागचू शहर में कम से कम 339 मकान और पशुओं के 20 बाड़े ढह गए। भूकंप के बाद 4.3 से 5.2 तीव्रता के कई और झटके भी दर्ज किए गए। ऐसे झटकों को आफ्टरशॉक कहा जाता है, जो बड़े भूकंप के बाद आ सकते हैं।
Earthquake Explainer: भूकंप का केंद्र कहां था और इससे कितना नुकसान हुआ?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत में नागचू से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। इसकी गहराई करीब 18 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र यानी एपिसेंटर वह स्थान है, जो जमीन की सतह पर भूकंप के उद्गम स्थल के ठीक ऊपर होता है। भूकंप कितना नुकसान पहुंचाएगा, यह केवल उसकी तीव्रता पर निर्भर नहीं करता। इसकी गहराई, आबादी से दूरी, इमारतों की मजबूती और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियां भी नुकसान को प्रभावित करती हैं।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में कब आए भूकंप?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शुक्रवार सुबह अलग-अलग समय पर तीन देशों में भूकंप दर्ज किए गए। पाकिस्तान: सुबह 4:56 बजे 4.9 तीव्रता। अफगानिस्तान: सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता। चीन: सुबह 6:05 बजे 4.4 तीव्रता। रिपोर्ट प्रकाशित होने तक इन तीनों भूकंपों से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई थी। इन घटनाओं का समय और स्थान अलग-अलग था, इसलिए इन्हें तिब्बत के भूकंप का सीधा परिणाम मानने से पहले वैज्ञानिक पुष्टि जरूरी है।
Earthquake Explainer: भूकंपों का आपस में कनेक्शन है?
यह इस घटना से जुड़ा सबसे अहम सवाल है। एक ही दिन या कुछ घंटों के भीतर कई देशों में भूकंप आने का मतलब यह नहीं है कि सभी झटके एक ही भूकंप के कारण आए हैं। पृथ्वी की सतह कई विशाल टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। इन प्लेटों की हलचल और उनके बीच मौजूद तनाव के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में भूकंप आते हैं। तिब्बत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्से सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्रों में आते हैं।
हालांकि, इन देशों में दर्ज किए गए भूकंपों के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह तय करने के लिए उनके केंद्र, गहराई, समय और भूगर्भीय गतिविधियों का वैज्ञानिक विश्लेषण करना होगा। उपलब्ध रिपोर्ट में ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है, जिससे सभी घटनाओं को एक ही कारण से जोड़कर देखा जा सके।
तिब्बत और आसपास के इलाकों में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
इस क्षेत्र में भूकंप आने की प्रमुख वजह टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां हैं। भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ते हुए यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इस टकराव ने हिमालय और तिब्बती पठार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्लेटों की गति से पृथ्वी की ऊपरी परत में तनाव जमा होता है। जब चट्टानें इस तनाव को सहन नहीं कर पातीं, तो उनमें मौजूद भ्रंशों (फॉल्ट) के आसपास अचानक खिसकाव हो सकता है। इससे ऊर्जा निकलती है और भूकंप के झटके महसूस होते हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कई हिस्से भी सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों और भ्रंशों के प्रभाव वाले क्षेत्र में स्थित हैं। यही वजह है कि इस व्यापक क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। हालांकि, हर भूकंप का अपना अलग भूगर्भीय कारण हो सकता है।

Earthquake Explainer: भूकंप की तीव्रता और उसकी गहराई का क्या मतलब है?
भूकंप की तीव्रता बताती है कि उससे कितनी ऊर्जा निकली। आम तौर पर तीव्रता में एक अंक का अंतर भी ऊर्जा के लिहाज से बड़ा अंतर दर्शाता है। वहीं, भूकंप की गहराई यह बताती है कि जमीन के भीतर किस गहराई पर चट्टानों में हलचल हुई। अपेक्षाकृत कम गहराई पर आने वाले भूकंप सतह पर तेज झटके पैदा कर सकते हैं, लेकिन वास्तविक नुकसान इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंप का केंद्र आबादी और कमजोर इमारतों से कितना दूर है। इसलिए केवल तीव्रता देखकर नुकसान का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
भूकंप आने पर लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित कदम उठाना जरूरी है। घर के अंदर हों तो मजबूत मेज के नीचे बैठें और सिर व गर्दन को ढकें। खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूर रहें। झटकों के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। खुले स्थान पर हों तो इमारतों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। झटके रुकने के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश न करें, जब तक उन्हें सुरक्षित घोषित न किया जाए। आफ्टरशॉक के लिए सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें।
क्या एशिया में भूकंप की कोई बड़ी श्रृंखला चल रही है?
तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप से जान-माल का नुकसान हुआ, जबकि शुक्रवार सुबह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी अलग-अलग तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए। इस क्षेत्र की भूगर्भीय बनावट इसे भूकंप के लिहाज से सक्रिय बनाती है। लेकिन केवल कुछ घंटों के भीतर कई जगह भूकंप आने से यह साबित नहीं होता कि सभी घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं। इसके लिए वैज्ञानिक आंकड़ों और विशेषज्ञों के विश्लेषण की जरूरत है।
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