Education Minister: मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में अब तक चार शिक्षा मंत्री बनाए गए हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी अपने एक ही कार्यकाल में पूरे पांच साल तक इस पद पर नहीं रह सका। इस सूची में स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल निशंक और धर्मेंद्र प्रधान का नाम शामिल है।
धर्मेंद्र प्रधान रहे सबसे लंबे समय तक
इन सभी शिक्षा मंत्रियों में धर्मेंद्र प्रधान सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहे। उन्होंने कुल मिलाकर पांच साल से अधिक समय तक शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, यह अवधि दो अलग-अलग कार्यकालों में रही। उन्हें 2021 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान शिक्षा मंत्री बनाया गया था, लेकिन तीसरे कार्यकाल के बीच में ही उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा।
स्मृति ईरानी बनीं पहली शिक्षा मंत्री
2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद सबसे पहले स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय इस मंत्रालय का नाम मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) था। वह इस पद पर करीब दो साल एक महीने तक रहीं। इसके बाद जुलाई 2016 में उन्हें मंत्रालय से हटा दिया गया।स्मृति ईरानी के बाद जुलाई 2016 में प्रकाश जावड़ेकर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। बाद में इसी मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया। प्रकाश जावड़ेकर करीब तीन साल तक इस पद पर रहे।
रमेश पोखरियाल निशंक का कार्यकाल
मई 2019 में रमेश पोखरियाल निशंक को शिक्षा मंत्री बनाया गया। उन्होंने करीब दो साल एक महीने तक इस मंत्रालय का नेतृत्व किया। इसके बाद जुलाई 2021 में उन्हें पद से हटा दिया गया।जुलाई 2021 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री बनाया गया। वह जुलाई 2026 तक इस पद पर रहे। पिछले 12 वर्षों में शिक्षा मंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल धर्मेंद्र प्रधान का ही रहा।
किस शिक्षा मंत्री का कितना रहा कार्यकाल?
- स्मृति ईरानी: मई 2014 से जुलाई 2016 – 2 साल 1 महीने से अधिक
- प्रकाश जावड़ेकर: जुलाई 2016 से मई 2019 – करीब 3 साल
- रमेश पोखरियाल निशंक: मई 2019 से जुलाई 2021 – 2 साल 1 महीने
- धर्मेंद्र प्रधान: जुलाई 2021 से जुलाई 2026 – 5 साल से अधिक
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