Home » Uncategorized » UAE का बड़ा दांव! अब बिना होर्मुज के दुनिया तक पहुंचेगा तेल

UAE का बड़ा दांव! अब बिना होर्मुज के दुनिया तक पहुंचेगा तेल

Energy crisis: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा असर तेल सप्लाई को लेकर दिखाई दे रहा है। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे आने वाले समय में पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। UAE अब ऐसा पाइपलाइन नेटवर्क तैयार कर रहा है, जिससे उसे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वह सीधे समुद्र के रास्ते दुनिया को तेल भेज सकेगा।

क्या है UAE का नया प्लान?

रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE अपने बड़े वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने इस प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक करने के निर्देश दिए हैं। इस पाइपलाइन के जरिए देश की तेल निर्यात क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। सबसे अहम बात यह है कि तेल सीधे फुजैराह पोर्ट तक पहुंचेगा, जहां से जहाजों के जरिए अलग-अलग देशों में सप्लाई की जाएगी।

Energy crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। लेकिन ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इस क्षेत्र में खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अगर यहां किसी तरह की रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया की तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि खाड़ी देश अब वैकल्पिक रास्तों पर तेजी से काम कर रहे हैं।

Energy crisis: पहले से मौजूद है खास पाइपलाइन

UAE के पास पहले से अबू धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन (ADCOP) मौजूद है, जिसे हबशन-फुजैराह पाइपलाइन भी कहा जाता है। यह पाइपलाइन रोजाना करीब 18 लाख बैरल तेल फुजैराह तक पहुंचाने की क्षमता रखती है। अब नई वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन बनने के बाद UAE और ज्यादा मात्रा में तेल सीधे समुद्र तक भेज सकेगा, बिना होर्मुज पर निर्भर हुए।

दूसरे खाड़ी देशों की बढ़ सकती है टेंशन

UAE और Saudi Arabia ऐसे चुनिंदा देश हैं, जिनके पास होर्मुज के बाहर से तेल भेजने का विकल्प मौजूद है। वहीं Kuwait, Iraq, Qatar और Bahrain अब भी काफी हद तक इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर हैं। अगर तनाव और बढ़ता है, तो इन देशों के सामने तेल सप्लाई बनाए रखना बड़ी चुनौती बन सकता है।

दुनिया पर क्या पड़ेगा असर?

Energy crisis: विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात ज्यादा खराब होते हैं, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इसका असर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम और महंगाई पर भी दिखाई दे सकता है। ऐसे में UAE का यह कदम सिर्फ एक तेल प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि आने वाले समय की बड़ी रणनीतिक तैयारी माना जा रहा है।

 

 

ये भी पढ़े: ईरान का बड़ा बयान, भारत की भूमिका पर भरोसा; होर्मुज और परमाणु मुद्दे पर खुलकर बोले अराघची

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments