Petrol Diesel: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में शुक्रवार को सभी 899 ग्राम पंचायतों ने एक साथ ग्रीन चौपाल का आयोजन कर इतिहास रच दिया। सुबह 9 से 10 बजे तक चले इस कार्यक्रम में पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, हरित परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के व्यापक प्रस्ताव पारित किए गए। यह सामूहिक प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
पेट्रोल-डीजल खपत घटाने और हरित परिवहन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान के परिप्रेक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों ने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने का बीड़ा उठाया। सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने का सामूहिक प्रण लिया गया। जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देशन में पंचायतों ने ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
Petrol Diesel: पर्यावरण संरक्षण और व्यापक जागरूकता
ग्रीन चौपाल में पौधरोपण, जल संरक्षण, गो-संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, पराली न जलाने और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। मानसून को देखते हुए 30 जून तक प्री-प्लांटेशन की तैयारियां पूरी करने की कार्ययोजना बनाई गई। सभी ग्राम पंचायतों ने यह सुनिश्चित किया कि आगामी पौधरोपण महोत्सव में हर परिवार कम से कम पांच पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे।
प्रशासन और राजनीतिक सराहना
प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभिनव प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि हर नागरिक व्यक्तिगत स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का संकल्प ले और आवश्यकता अनुसार ही वाहन का उपयोग करे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से दो महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित हुए हैं: अधिकतम ग्राम पंचायतों द्वारा एक साथ आयोजन और सबसे कम समय में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम।
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