Home » उत्तर प्रदेश » गंगासागर मेला 2026: तैयारियों पर प्रशासन की सख़्त नज़र और तेज़ी से बढ़ते कार्य

गंगासागर मेला 2026: तैयारियों पर प्रशासन की सख़्त नज़र और तेज़ी से बढ़ते कार्य

स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी

Gangasagar Mela 2026: 8 जनवरी 2026 से गंगासागर मेला प्रारंभ होने वाला है, जिसकी तैयारी अब लगभग पूरी होने वाली है। स्नान घाट और जेटी निर्माण का कार्य ज़ोरों से चल रहा है। राज्य के सिंचाई मंत्री मानस भूइयाँ और सुंदरवन विकास मंत्री बंकिमचंद्र हाज़रा ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी तैयारियों की समीक्षा करने हेतु गंगासागर मेला क्षेत्र का दौरा किया।

स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी
स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी

कपिलमुनि मंदिर तट की मरम्मत और नया स्नानघाट

Gangasagar Mela 2026: बता दें कि कपिलमुनि मंदिर के सामने समुद्र कटाव से खराब हुए तट की मरम्मत का काम तेज़ी से चल रहा है और वहाँ नया स्नानघाट भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा लॉट नंबर 8, कचुबेरिया और च्यामागुड़ी जैसे मेले के कई स्थानों पर अस्थायी जेटियाँ बन रही हैं और पुरानी स्थायी जेटियों की मरम्मत भी सिंचाई विभाग कर रहा है। मंत्री मानस भूइयाँ ने इन कामों की प्रगति पर संतोष जताया है, लेकिन कुछ जगहों पर ठेकेदारों की लापरवाही को लेकर उन्होंने नाराज़गी भी व्यक्त की है।

Gangasagar Mela स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी
स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी

Gangasagar Mela 2026: मुरिगंगा नदी में दिन-रात ड्रेजिंग कार्य जारी

Gangasagar Mela 2026: मुरिगंगा नदी से गाद हटाने के लिए इस बार 30 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। चार नेविगेशन सिस्टम की मदद से दिन-रात ड्रेजिंग का काम चल रहा है, जो मेले के दौरान भी जारी रहेगा। अब तक लगभग 40% ड्रेजिंग का काम पूरा हो चुका है। जिला प्रशासन के अनुसार लॉट नंबर 8, कचुबेरिया और च्यामागुड़ी के सभी जेटिघाटों का काम, तथा गंगासागर के 1 से 6 नंबर स्नानघाटों की मरम्मत का काम 25 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

Gangasagar Mela स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी
स्नानघाट और जेटी निर्माण में तेज़ी

मुख्यमंत्री के संभावित दौरे से बढ़ी तैयारियों की रफ्तार

Gangasagar Mela 2026: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह या जनवरी की शुरुआत में राज्य की मुख्यमंत्री भी मेले की तैयारियों का जायज़ा लेने गंगासागर आ सकती हैं। इस साल कुंभ मेला नहीं है, ऐसे में गंगासागर मेले में रिकॉर्ड दर्ज करने वाली भीड़ होने की उम्मीद है। इसलिए प्रशासन किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहता। सभी काम समय पर पूरे करके देश–विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।

ये भी खबरें पढ़े…  13 साल बाद अखिलेश यादव फिर फतेहपुर सीकरी की दरगाह पहुंचे, राम मंदिर न जाने पर उठा सियासी सवाल