Ghaziabad Police: मेरठ रोड पर तीन नवंबर को पकड़ी गई करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की अवैध कफ सिरप खेप के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच के निरीक्षक रमेश सिंह सिंधु पर आरोप है कि उन्होंने इस प्रकरण में आरोपी के जमानती को राहत देने के बदले चार लाख रुपये की रिश्वत ली है।
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड के निर्देश पर एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने गुरुवार देर रात कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच परिसर में निरीक्षक सिंधु की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनकी कार से चार लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
कानूनी कार्रवाई की जा रही
सूत्रों के अनुसार, कफ सिरप तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपी की जमानत प्रक्रिया में संतोष सिंह नामक व्यक्ति जमानती बना था। निरीक्षक पर आरोप है कि जमानत सत्यापन को आसान करने और जमानती को मामले में न उलझाने की एवज में उन्होंने रिश्वत की मांग की थी। एडीसीपी अपराध ने पुष्टि की कि बरामद राशि रिश्वत से जुड़ी है और निरीक्षक सिंधु के खिलाफ गंभीर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा आगे और भी खुलासे संभव हैं।

इस मामले में पुलिस ने बताया था कि इन सिरप में कोडीन नामक तत्व होता है, जो मादक पदार्थ की श्रेणी में आता है। आरोपी इन सिरप की बांग्लादेश और अन्य देशों में तस्करी करते थे। भारत में यह 210 रुपए की शीशी 600 से 1000 रुपए तक बांग्लादेश में बिकती थी। जहां-जहां शराब प्रतिबंधित है, वहां यह सिरप नशे के रूप में इस्तेमाल होता है।
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