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आखिर क्यों होटल के कमरों में नहीं होती घड़ियां? इसके पीछे काम करते है यह पहलूँ

होटल के कमरों में हर सुविधा होने के बावजूद दीवार पर घड़ी नजर नहीं आती। ज्यादातर लोग इसे संयोग मानते हैं, लेकिन इसके पीछे मनोविज्ञान, नींद से जुड़ा विज्ञान और होटल इंडस्ट्री की रणनीति काम करती है। मेहमानों को सुकून देने और समय की चिंता से दूर रखने के लिए होटल जानबूझकर ऐसा डिजाइन अपनाते हैं।
Hotel me ghadi:

Hotel me ghadi: होटल में ठहरने के दौरान कमरों में लगभग हर जरूरी सुविधा उपलब्ध होती है, लेकिन इसके बावजूद वहां दीवार पर लगी घड़ी आमतौर पर नजर नहीं आती। कई लोग इसे महज संयोग मान लेते हैं, जबकि इसके पीछे मनोविज्ञान, विज्ञान और बिजनेस मॉडल से जुड़ी ठोस वजहें होती हैं। होटल इंडस्ट्री जानबूझकर ऐसा इंटीरियर डिजाइन अपनाती है, जिसमें कमरों की दीवारों पर घड़ी नहीं लगाई जाती। दरअसल, कुछ मेहमानों को घड़ी की आवाज असहज कर सकती है। खासतौर पर रात के सन्नाटे में घड़ी की टिक-टिक साफ सुनाई देती है, जो नींद में बाधा बन सकती है। इसी कारण होटल प्रबंधन कमरों को ज्यादा शांत और आरामदायक बनाए रखने के लिए घड़ी लगाने से परहेज करता है।

इसके पीछे छिपी हैं मनोविज्ञान और बिजनेस से जुड़ी वजहें

होटल में ठहरने के दौरान कमरे में लगभग हर जरूरी सुविधा मौजूद होती है, लेकिन इसके बावजूद वहां दीवार पर लगी घड़ी देखने को नहीं मिलती। कई लोग इसे संयोग मान लेते हैं, जबकि इसके पीछे होटल इंडस्ट्री की सोची-समझी रणनीति काम करती है। जानकारों के मुताबिक, यह फैसला मनोविज्ञान, सुकून और बिजनेस मॉडल से जुड़ा हुआ है।

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Hotel me ghadi: घड़ी की टिक-टिक से बिगड़ सकती है नींद

होटल प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि कई मेहमानों को रात के समय घड़ी की टिक-टिक की आवाज परेशान करती है। जब कमरा शांत होता है, तब यह आवाज ज्यादा साफ सुनाई देती है और नींद में खलल डाल सकती है। इसी वजह से कमरों को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए दीवारों पर घड़ी नहीं लगाई जाती।

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Hotel me ghadi: मेहमान की नजर जरूरतों पर, दीवार पर नहीं

जब भी लोग होटल में ठहरते हैं, तो वे सबसे पहले पानी की बोतल, टेलीफोन और रूम सर्विस जैसी सुविधाओं पर ध्यान देते हैं। पेंटिंग और सजावटी चीजों के अलावा दीवार पर क्या लगा है, इस पर आमतौर पर कोई ध्यान नहीं देता। इसी वजह से घड़ी की गैरमौजूदगी अक्सर लोगों की नजर से छूट जाती है।

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होटल अब सिर्फ ठहरने की जगह नहीं

आज के होटल केवल सोने के लिए नहीं, बल्कि शानदार खाने, स्पा, स्विमिंग पूल और इवेंट्स के लिए भी जाने जाते हैं। होटल इंडस्ट्री मेहमानों को पूरा आराम और एंटरटेनमेंट पैकेज देने की कोशिश करती है। ऐसे में कमरे में घड़ी न होना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जाता है, ताकि मेहमान समय की चिंता किए बिना सुविधाओं का आनंद ले सकें।

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डिजाइन और टाइम जोन भी वजह

इंटीरियर डिजाइनर्स का मानना है कि दीवार पर लगी घड़ी कमरे के मिनिमल और लग्ज़री लुक को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा होटल में अलग-अलग टाइम जोन से आने वाले लोग ठहरते हैं, ऐसे में कमरे में लगी घड़ी भ्रम की स्थिति भी पैदा कर सकती है। कुल मिलाकर, होटल के कमरों में घड़ी का न होना कोई कमी नहीं, बल्कि मेहमानों के सुकून, बेहतर अनुभव और होटल के बिजनेस मॉडल से जुड़ा एक सोच-समझा फैसला है।

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