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भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 26 में अब तक 8.8 प्रतिशत बढ़ा

आयकर विभाग के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में अब तक देश का प्रत्यक्ष कर संग्रह मजबूत बना हुआ है। 1 अप्रैल से 11 जनवरी की अवधि में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत बढ़कर 18.37 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। कॉरपोरेट और व्यक्तिगत कर संग्रह में बढ़ोतरी के साथ-साथ अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार ने राजस्व को मजबूती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक वृद्धि और बेहतर कर अनुपालन के चलते आने वाले समय में कर संग्रह की स्थिति और सुदृढ़ रह सकती है।
Indian Economy news:

Indian Economy news: आयकर विभाग ने सोमवार को बताया कि देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह एक अप्रैल से 11 जनवरी तक की अवधि में सालाना आधार पर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 8.8 प्रतिशत बढ़कर 18.37 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.88 लाख करोड़ रुपए रहा था।

आयकर विभाग की रिपोर्ट में कर संग्रह के आंकड़े सामने आए

आयकर विभाग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया कि समीक्षा अवधि में शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 8.63 लाख करोड़ रुपए रहा है। वहीं, शुद्ध व्यक्तिगत कर संग्रह 9.29 लाख करोड़ रुपए रहा है। सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) संग्रह 44,866.52 करोड़ रुपए रहा है। इसके साथ सरकार ने अन्य टैक्स के रूप में 321.23 रुपए एकत्रित किए हैं।

Indian Economy news: आयकर विभाग ने रिफंड आंकड़ों की दी जानकारी 

आयकर विभाग ने कहा कि समीक्षा अवधि में 3.11 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया गया है, इसमें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16.92 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसमें से सरकार ने 1.83 लाख करोड़ रुपए का रिफंड कॉरपोरेट्स को, जबकि व्यक्तिगत करदाताओं को 1.28 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया गया है।

Indian Economy news: सालाना आधार पर कर संग्रह में 4.14% की बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में यह आंकड़ा 3.75 लाख करोड़ रुपए था। अगर रिफंड को मिला दिया जाए तो सकल कर संग्रह एक अप्रैल से 11 जनवरी की अवधि में सालाना आधार पर 4.14 प्रतिशत बढ़कर 21.49 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसमें से सकल कॉरपोरेट कर संग्रह 10.46 लाख करोड़ रुपए और सकल व्यक्तिगत कर संग्रह 10.58 लाख करोड़ रुपए रहा है।

FY26 में 7.6% GDP ग्रोथ का अनुमान

भारत में कर संग्रह मजबूत रहने की वजह देश की अर्थव्यवस्था का तेजी से बढ़ना है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026 के लिए रियल जीडीपी वृद्धि 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जो कि एनएसओ के पहले अग्रिम अनुमान 7.4 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के लिए बाजार का औसत अनुमान 7.5 प्रतिशत है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अनुमान 7.3 प्रतिशत है।

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