Indian Sailor Death: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 33 वर्षीय भारतीय नाविक राकेश चौहान की वेनेजुएला में हुई मौत अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। राकेश का शव जब भारत पहुंचा और दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, तो परिवार ने दावा किया कि उनके शरीर से दिल, दिमाग, फेफड़े, लिवर, किडनी समेत कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे। इस खुलासे के बाद परिवार सदमे में है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।राकेश चौहान देवरिया के लगड़ा बाजार टोला के निवासी थे। वह नवंबर 2025 में एक मालवाहक जहाज पर नौकरी करने के लिए वेनेजुएला गए थे। परिवार के अनुसार, उन्हें एक्सफिनिटी नाम की कंपनी के माध्यम से विदेश भेजा गया था। मई 2026 में अचानक कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि राकेश जहाज पर गिरकर घायल हो गए हैं। अगले दिन परिवार को बताया गया कि उनकी हालत बेहद गंभीर है और बचने की संभावना केवल पांच प्रतिशत है। उसी शाम उनकी मौत की खबर दे दी गई।
शव पहुंचने के बाद सामने आया चौंकाने वाला दावा
राकेश का शव भारत पहुंचने के बाद परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की। जिलाधिकारी के निर्देश पर देवरिया में मेडिकल टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार और फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) का दावा है कि इस जांच में शरीर के कई प्रमुख अंग मौजूद नहीं मिले। संगठन के अनुसार, दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, तिल्ली, अग्नाशय, पेट, आंतें, थायरॉयड, हायॉइड, लैरिंक्स और ट्रेकिया सहित कई अंग गायब पाए गए।इसके अलावा शव की गर्दन से प्यूबिक हिस्से तक लगभग 22 टांके और एक कान से दूसरे कान तक करीब 21 टांके लगे होने का भी दावा किया गया। परिवार का कहना है कि शरीर पर पहले किसी बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं थे, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
Indian Sailor Death: परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
राकेश के पिता रामदेव चौहान का आरोप है कि कंपनी ने शुरू से ही परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी परिवार को उपलब्ध नहीं कराई गई और मौत के वास्तविक कारणों को लेकर लगातार असमंजस बना रहा। उनका कहना है कि दूसरे पोस्टमार्टम में शरीर से कई अंग गायब मिलने के कारण मौत की असली वजह का पता नहीं चल सका। परिवार ने केंद्र सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Indian Sailor Death: एफएसयूआई ने भारतीय दूतावास से की हस्तक्षेप की अपील
फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शव बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वेनेजुएला के अधिकारियों की स्पष्ट जानकारी के भारत भेजा गया, जो कई सवाल खड़े करता है। एफएसयूआई ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय एवं उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
मौत की गुत्थी अब भी बरकरार
सामान्य परिस्थितियों में पोस्टमार्टम के दौरान जांच के लिए कुछ अंग निकाले जा सकते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में उनका पूरा रिकॉर्ड और मेडिकल दस्तावेज मौजूद होना जरूरी होता है। राकेश चौहान के मामले में परिवार का आरोप है कि न तो वेनेजुएला के अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही कंपनी ने मौत की परिस्थितियों को लेकर संतोषजनक जवाब दिया। ऐसे में यह मामला अब केवल एक मौत का नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की मांग से जुड़ा गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया है।








