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ग्रीन कार्ड अपॉइंटमेंट पर पहुंचींभारतीय महिला, इंटरव्यू बना ICE की गिरफ्त का कारण

Indian Woman ICE Arrest मामले में अमेरिका में 60 वर्षीय भारतीय मूल की बबली कौर को ग्रीन कार्ड से जुड़ी बायोमेट्रिक अपॉइंटमेंट के दौरान ICE अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। वर्षों से अमेरिका में रह रहे परिवार ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताया है। मामले पर अमेरिकी सांसदों ने भी चिंता जताई है।
ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण

Indian Woman ICE Arrest: भारतीय मूल की महिला बबली कौर को अमेरिका में ग्रीन कार्ड इंटरव्यू के आखिरी चरण के दौरान इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया। बबली की उम्र 60 वर्षीय बताई जा रही है, जो साल 1994 से ही भारत छोड़ अमेरिका में रह रही हैं। उनकी बेटी जोती से मिली जानकारी के मुताबिक, 1 दिसंबर को वह अपने ग्रीन कार्ड आवेदन से जुड़ी एक सामान्य बायोमेट्रिक्स अपॉइंटमेंट के लिए ICE कार्यालय पहुंची। इसी इंटरव्यू के दौरान कुछ फेडरल एजेंट वहां पहुंचे और बबली कौर को एक कमरे में बुलाकर उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई।

Indian Woman ICE Arrest: ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण
ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण

ICE ऑफिस से सीधे डिटेंशन सेंटर भेजी गई महिला

जोती ने आगे बताया कि उनकी मां को उनके वकील से फोन पर बात करने की अनुमति तो मिली, लेकिन इसके बाद भी उन्हें हिरासत में रखा गया। यही नहीं कई घंटों तक परिवार को इस बात की जानकारी भी नहीं दी गई कि उन्हें कहां ले जाया गया है। बाद में पता चला कि बबली कौर को रातों-रात एडेलेंटो भेज दिया गया, जो पहले एक फेडरल जेल थी और अब ICE का डिटेंशन सेंटर हो गया है।

Indian Woman ICE Arrest: 1994 से अमेरिका में रह रही थीं बबली कौर

बता दें बबली कौर के परिवार में उनके अलावा कुल 4 लोग है , जिसमें उनके पति और तीन बच्चे हैं। परिवार पहले लगुना बीच में रहता था और बाद में काम के कारण बेलमोंट शोर इलाके में आ गया। साथ ही उनके पति के पास ग्रीन कार्ड है। बबली की बड़ी बेटी और बेटा अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि 34 साल की जोती को DACA के तहत कानूनी दर्जा मिला हुआ है।

Indian Woman ICE Arrest: ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण
ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण

रिपोर्ट के अनुसार, बेलमोंट शोर में बबली कौर ने अपने पति के साथ 20 साल से ज्यादा समय तक एक भारतीय और नेपाली रेस्टोरेंट चलाया है और 25 वर्षों तक स्थानीय राइट एड स्टोर में भी काम कर चुकी है। हाल ही में वह फिर से रेस्टोरेंट के काम में लौटने की तैयारी कर रही थीं।

डेमोक्रेटिक सांसद ने की रिहाई की मांग

अब बबली कौर की रिहाई की मांग भी उठने लगी है। लॉन्ग बीच से डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने इस मामले में फेडरल अधिकारियों से संपर्क भी किया है। परिवार उन्हें केस के दौरान जमानत पर रिहा कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया में जुटा हुआ है। परिवार का कहना है कि एडेलेंटो डिटेंशन सेंटर में बबली कौर को एक बड़े डॉर्म जैसे कमरे में कई अन्य कैदियों के साथ रखा गया है, जहां रात भर लाइटें जलती रहती हैं और शोर के कारण सोना मुश्किल होता है।

ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण
ग्रीन कार्ड इंटरव्यू बना गिरफ्तारी का कारण
डिटेंशन सेंटर की हालत पर परिवार ने जताई चिंता

जोती ने यह भी जानकारी दी है कि सिर्फ सीमित समय में ही बबली को परिवार से मिलने दिया जाता है और कई बार थोड़ी सी मुलाकात के लिए भी पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। हम उन्हें बाहर लाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। वहां की हालत रहने लायक नहीं है, यह बेहद अमानवीय है।”

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