IPL & BCCI: इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है, जहां से भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड को एक सत्र में लगभग 1 अरब अमेरिकी मुद्रा की कमाई होती है। इसके बावजूद प्रतियोगिता के संस्थापक ललित मोदी ने दावा किया है कि बोर्ड हर सत्र करीब 2400 करोड़ रुपये का नुकसान कर रहा है।
बोर्ड के फैसले से असंतुष्ट ललित मोदी
ललित मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रतियोगिता में दो नई टीमों को जोड़ने के बावजूद मुकाबलों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। उनके अनुसार, हर मुकाबले से होने वाली कमाई का 50 प्रतिशत हिस्सा बोर्ड को मिलता है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत टीमों में बांटा जाता है।
उन्होंने कहा कि मुकाबले कम होने के कारण टीमें हर सत्र लगभग 20 मुकाबलों की कमाई से वंचित हो रही हैं। यह अनुबंध की जिम्मेदारी है कि टीमों को उनकी फीस के बदले पूरा घर और बाहर व्यवस्था में खेलने का अवसर मिले।
IPL & BCCI: घर और बाहर व्यवस्था पर जोर
मोदी का कहना है कि प्रतियोगिता की वास्तविक आर्थिक क्षमता घर और बाहर व्यवस्था में ही निहित है। यदि समय-सारिणी में पर्याप्त स्थान नहीं था, तो टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सभी टीमों ने इस बदलाव के लिए सहमति दी थी। उनका कहना है कि ऐसा होना संभव नहीं लगता।
IPL & BCCI: 94 मुकाबलों का गणित और 2400 करोड़ का दावा
ललित मोदी के अनुसार, 10 टीमों के साथ प्रतियोगिता में मुकाबलों की संख्या 94 होनी चाहिए थी। यदि हर मुकाबले की औसत कीमत 118 करोड़ रुपये मानी जाए, तो केवल प्रसारण अधिकारों से ही लगभग 2400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती थी।
इस अतिरिक्त आय में से लगभग 1200 करोड़ रुपये बोर्ड को और बाकी 1200 करोड़ रुपये टीमों में बांटे जाते, जिससे प्रत्येक टीम को करीब 120 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलता और उनकी कीमत भी बढ़ती।
लगातार बयान बाजी से बढ़ी चर्चा
प्रतियोगिता के 2026 सत्र के दौरान ललित मोदी लगातार अपने बयानों के जरिए बोर्ड की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। उनके इस दावे के बाद क्रिकेट जगत में प्रतियोगिता की संरचना और आय व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
यह भी पढे़ : ट्रम्प की ईरान को कड़ी चेतावनी: ‘आज रात सभ्यता खत्म हो सकती है’, हमलों से बढ़ा तनाव








