IPS Kuhu Garg: हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) की पासिंग आउट परेड में IPS अधिकारी कुहू गर्ग को प्रतिष्ठित ‘Sword of Honour’ से सम्मानित किया गया। बेटी की इस बड़ी उपलब्धि को देखकर उनके पिता और उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक कुमार भावुक हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर बेटी की मेहनत, अनुशासन और सफलता पर गर्व जताया। कुहू को ‘Best Outdoor Probationer’ और ‘Best Drill’ के सम्मान से भी नवाजा गया।
IPS Kuhu Garg: IPS कुहू गर्ग को SVPNPA में मिला Sword of Honour-
17 अक्टूबर को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में 78वें RR बैच की दीक्षांत परेड आयोजित की गई। इस समारोह में कुल 151 प्रोबेशनर अधिकारी पास आउट हुए, जिनमें 16 विदेशी प्रोबेशनर भी शामिल थे। इस दौरान गुजरात कैडर की IPS अधिकारी कुहू गर्ग को ‘IPS Association’s Sword of Honour’ प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया। इसके अलावा उन्हें ‘Best Outdoor Probationer’ और ‘Best Drill’ का पुरस्कार भी मिला। कुहू की इस उपलब्धि ने उनके परिवार को गौरवान्वित किया। उनके पिता अशोक कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर की।
IPS Kuhu Garg: बेटी को खाकी वर्दी में देखकर भावुक हुए पूर्व DGP अशोक कुमार-
अशोक कुमार ने अपनी पोस्ट में बताया कि हैदराबाद स्थित SVPNPA के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में जब उन्होंने अपनी बेटी कुहू को खाकी वर्दी में पूरे आत्मविश्वास के साथ कदमताल करते देखा, तो उनकी आंखें गर्व और खुशी के आंसुओं से भर गईं। उन्होंने लिखा कि एक पूर्व पुलिस महानिदेशक होने के नाते वह अच्छी तरह जानते हैं कि खाकी वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि अनुशासन, त्याग और देश के प्रति बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक है। अशोक कुमार के मुताबिक, कुहू ने अपनी मेहनत और समर्पण से साबित कर दिया कि वह इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं। उनकी उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।
घुड़सवारी से कमांडो ट्रेनिंग तक, कठिन अभ्यास से हासिल किया मुकाम-
अशोक कुमार ने बताया कि कुहू को Sword of Honour और Best Outdoor Probationer का सम्मान आसानी से नहीं मिला। इसके पीछे कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की अहम भूमिका रही है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को घुड़सवारी, कमांडो ट्रेनिंग, हथियारों की फायरिंग, तैराकी और क्रॉस-कंट्री जैसी कई चुनौतीपूर्ण गतिविधियों से गुजरना पड़ता है। इन गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है। कुहू को ‘Best Drill’ का पुरस्कार भी मिला। यह सम्मान उनकी सटीकता, अनुशासन और समन्वय को दर्शाता है। अशोक कुमार ने बेटी की इस सफलता को उसकी लगातार मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया।
कौन हैं IPS कुहू गर्ग-
कुहू गर्ग का जन्म 22 सितंबर 1998 को हुआ था। वह मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के कुराना गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने देहरादून के सेंट थॉमस कॉलेज से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और बाद में दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कुहू पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रही हैं। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी हैं। खेलों से मिले अनुशासन और मेहनत के अनुभव ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाने में भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 2023 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 178 हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 2025 में उनका भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन हुआ। अब प्रशिक्षण के दौरान प्रतिष्ठित Sword of Honour जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
एक ही साल में पिता रिटायर हुए और बेटी बनी IPS-
कुहू गर्ग के परिवार के लिए वर्ष 2025 बेहद खास रहा। एक ओर कुहू का भारतीय पुलिस सेवा में चयन हुआ, वहीं दूसरी ओर उनके पिता अशोक कुमार पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए। अशोक कुमार उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं। पुलिस सेवा में लंबे समय तक योगदान देने वाले पिता के लिए बेटी को उसी वर्दी में देश की सेवा के लिए तैयार होते देखना भावुक कर देने वाला क्षण रहा।उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि जब उन्होंने कुहू को सम्मान ग्रहण करते देखा, तो उन्हें बचपन की वह कुहू याद आ गई, जिसने कभी बड़ा सपना देखा था और आज अपनी मेहनत से उसे पूरा कर दिखाया।
‘सपने जब मेहनत बन जाते हैं, तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं’-
अशोक कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सपने जब मेहनत बन जाते हैं, तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं।’ उन्होंने कहा कि कुहू की उपलब्धि केवल परिवार की खुशी नहीं है, बल्कि उन युवाओं और खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर समाज में बदलाव लाना चाहती हैं। उन्होंने कुहू को प्रोत्साहित करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उनके मुताबिक, यह सम्मान बेटी की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प की पहचान है। अशोक कुमार ने विश्वास जताया कि कुहू अपनी ईमानदारी, निष्ठा और नेतृत्व क्षमता के साथ देश की सेवा करते हुए भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल करेंगी। उन्होंने बेटी की सफलता को उसके शानदार करियर की शुरुआत बताया।
यह भी पढ़े- लेख छपवाने का लालच देकर चीनी जासूसों ने सेना के अफसर की पत्नी को फंसाया, खुफिया जानकारी लेने का आरोप








